कुल्लू | करंट न्यूज़:
जिला मुख्यालय पर बहुचर्चित जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता लाभ सिंह गुलेरिया हत्याकांड की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस रिमांड पर चल रहे *महिला डॉक्टर, उसके पति, देवर और ससुर* ने पूछताछ में कबूला कि JE को ठिकाने लगाने के लिए उन्होंने *3 अलग-अलग प्लान* बनाए थे। लेकिन डर और घबराहट की वजह से कोई भी प्लान काम नहीं आया।
*पहला प्लान: शव को ब्यास नदी में बहाना*
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात के बाद उनका सबसे बड़ा मकसद *सबूत मिटाना* था। इसके लिए उन्होंने *कनिष्ठ अभियंता को ब्यास नदी में फेंकने* की साजिश रची।
आरोपियों को पता था कि बरसात के कारण इन दिनों *ब्यास का जलस्तर चरम पर* है। अगर अधमरी हालत में JE को नदी में फेंक दिया जाता तो तेज बहाव में *शव का मिलना नामुमकिन* हो जाता।
लेकिन यह प्लान *दूरी और समय* की वजह से फेल हो गया। चूंकि घटनास्थल से ब्यास नदी दोनों तरफ से 2-3 किमी दूर थी। लहूलुहान JE के साथ इतनी दूर जाने और रास्ते में पुलिस नाके या लोगों के देख लेने के डर से आरोपी गाड़ी में शव ले जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके।

*दूसरा प्लान: सुनसान जगह पर फेंकना*
नदी वाला प्लान फेल होने के बाद आरोपियों ने JE को *अधमरी हालत में गाड़ी में डालकर पिरड़ी की तरफ* ले जाने की कोशिश की। उनका मकसद उसे किसी *वीरान जगह पर फेंक देना* था।
इसी बीच उन्हें सूचना मिली कि *JE के परिवार वाले उसकी तलाश में कुल्लू की तरफ* आ रहे हैं, जिससे आरोपी घबरा गए।
*तीसरा और आखिरी प्लान: नाले में फेंककर फरार*
बचने का कोई रास्ता न देखकर आरोपियों ने *जल्दबाजी में JE को अधमरी हालत में गांधीनगर के पास एक नाले* में फेंक दिया और मौके से भाग निकले।

इसके कुछ ही देर बाद JE की पत्नी और परिजन भी उसे ढूंढते हुए वहां पहुंच गए। इस बीच गनीमत यह रही कि कुछ राहगीरों ने नाले में लहूलुहान शख्स को देखकर तुरंत पुलिस और 108 को सूचना दी। समय पर मदद मिलने से JE को अस्पताल पहुंचाया जा सका। लेकिन उपचार के दौरान बिलासपुर एम्स में उनकी मौत हो गई।
*हथियारों की तलाश जारी*
पुलिस के मुताबिक चारों आरोपियों से *गहन पूछताछ* जारी है। हत्या में इस्तेमाल किए गए *हथियारों की बरामदगी* के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। आरोपियों से और भी अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले को *साजिश के एंगल* से खंगाल रही है।