शिमला : अब हिमाचल में अब घरेलू उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली नहीं मिलेगी। सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। प्रदेश में अब घरेलू उपभोक्ताओं को राज्य विद्युत नियामक आयोग के आदेशों के बाद 2 अलग-अलग वर्गों में बांट दिया है। इसमें एक वर्ग स्थानीय निकाय से एनओसी लेकर बिजली मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं का बनाया है, इन्हें सस्ती दरों पर हिमाचल में बिजली मिलती रहेगी और वहीं सरकार सबसिडी भी देगी।
इसके साथ ही एक दूसरा वर्ग ऐसे भवन मालिक बिजली उपभोक्ताओं का बनाया है जिन्होंने बिना अनापत्ति पत्र के बिजली मीटर लगवाए हैं। ऐसे भवन मालिकों की बिजली की सबसिडी और मुफ्त में दी जाने वाली बिजली की सुविधा को खत्म कर दिया है।
राज्य विद्युत नियामक आयोग के आदेशों के बाद राज्य बिजली बोर्ड ने उपभोक्ताओं को अलग से बिल जारी करने के निर्देश दे दिए हैं। इसी आधार पर अब बिजली बोर्ड ने भी अपनी तैयारी कर ली है। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने इसके लिए एक और याचिका नियामक आयोग में दायर की है। इसके बाद यह पूरी तरह से स्पष्ट होगा कि कब से लगे बिजली मीटरों पर ये नई दरें लागू होंगी।
हालांकि फिलहाल तो ये नई दरें सभी पर लागू की जाने की तैयारी है। इन नए आदेशों के मुताबिक ऐसे उपभोक्ता को अब बिजली की दर 6.25 रुपए प्रति यूनिट की दर से लागू की जाएगी, साथ ही 125 यूनिट फ्री बिजली की सुविधा भी नहीं मिलेगी।
प्रदेश में राज्य विद्युत आयोग के आदेशों के बाद से बिना अनापत्ति पत्र के भी भवन मालिकों को बिजली के कनैक्शन जारी किए थे। पहले तक इन सभी बिजली के कनैक्शन धारकों को एक ही दर पर बिजली की सप्लाई दी जा रही थी। लेकिन अब राज्य विद्युत नियामक के आदेशों के बाद हिमाचल में घरेलू उपभोक्ताओं को अलग-अलग वर्गों में बांट दिया है।
उन्हें बिजली की भी अलग-अलग दरें दी जाएंगी। जिन उपभोक्ताओं को बिजली के मीटर के कनैक्शन किसी स्थानीय निकाय के अनापत्ति पत्र मिलने के बाद जारी किया गया है उन्हें सस्ती दर पर बिजली मिलेगी। दूसरी स्थिति में ऐसे उपभोक्ता जिन्हें बिजली का कनैक्शन बिना अनापत्ति पत्र के दिया गया है, उन्हें ज्यादा दाम पर बिजली के बिल जारी किए जाएंगे।
Khud to moujuda Himachal sarkar kuchh de nhi rahi h, jo pichhli sarkar ne diya usko bhi chheen rahi h, kaisi sarkar h ye