मंडी | करंट न्यूज़: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के पधर क्षेत्र में जिला प्रशासन और बाल संरक्षण विभाग की संयुक्त टीम की तत्परता से 2 नाबालिग लड़कों और 2 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम ने बाल संरक्षण प्रक्रिया के तहत सभी बच्चों की काउंसिलिंग कर उन्हें कानूनी औपचारिकताओं के बाद परिवारों के साथ मिलाया।
समय पर कार्रवाई से टली बड़ी समस्या
जानकारी मिलने पर संयुक्त विभागीय टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान बच्चों को पहले सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।
दोनों लड़कों को ओपन शेल्टर होम तथा दोनों लड़कियों को अस्थायी रूप से वन स्टॉप सेंटर में रखा गया।

इसके बाद सभी को बाल कल्याण समिति CWC के समक्ष पेश किया गया। समिति ने बच्चों और अभिभावकों दोनों की काउंसिलिंग की।
शिक्षा और भविष्य पर दिया गया फोकस
जांच में सामने आया कि चारों बच्चों ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। इस पर CWC ने अभिभावकों को बुलाकर बच्चों की शिक्षा जारी रखने और भविष्य संवारने को लेकर जरूरी सलाह दी।
बच्चों की इच्छा और परिजनों की सहमति के बाद सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया।

CWC अध्यक्ष की अभिभावकों से अपील
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अलकनंदा हांडा ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें, उनकी पढ़ाई नियमित करवाएं और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग से संपर्क करें।
प्रशासन ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए जिला में लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।