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शिमला | करंट न्यूज़:
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज बागवानों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना MIS के तहत 2022 से 2025 तक खरीदे गए सेबों का बकाया भुगतान DBT के माध्यम से सीधे बागवानों के खातों में भेज दिया है।

लंबित देनदारियों के निपटारे के लिए सरकार ने 45 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

30 बैग तक का भुगतान हो चुका, 100+ बैग वालों की प्रक्रिया शुरू

CM ने बताया कि 30 बैग तक सेब बेचने वाले उत्पादकों को भुगतान पहले ही किया जा चुका है। वहीं 100 बैग या उससे अधिक बेचने वाले बागवानों को भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

खरीद में पारदर्शिता के लिए HMIS वेबसाइट और ऐप लॉन्च

बैठक में मुख्यमंत्री ने हिमाचल मंडी मध्यस्थता योजना HMIS की वेबसाइट और मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म सेब की खरीद से लेकर प्रसंस्करण तक का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रखेगा।

ऐप की खासियत:

पंजीकरण: बागवान आधार, जमीन का विवरण और बैंक खाता देकर ऑनलाइन रजिस्टर कर सकेंगे।
स्लॉट बुकिंग: अपनी उपज बेचने के लिए समय स्लॉट ऑनलाइन बुक होगा, जिससे लाइन में लगने का झंझट खत्म होगा।
SMS अलर्ट: खरीद और भुगतान की हर जानकारी सीधे मोबाइल पर SMS से मिलेगी।

सीजन से पहले पूरी होंगी तैयारियां

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद सीजन शुरू होने से पहले सभी कलेक्शन सेंटरों पर पर्याप्त कर्मचारी तैनात किए जाएं। जरूरत पड़ने पर दूसरे विभागों के कर्मचारियों की मदद भी ली जाए ताकि बागवानों को कोई दिक्कत न हो।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और बागवानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। बिचौलियों के शोषण से बचाने के लिए सेब की पैकेजिंग में यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली भी लागू की गई है।

बैठक में हिमफेड अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, बागवानी सचिव सी. पॉलरासु, एचपीएमसी MD डी.सी. राणा, बागवानी निदेशक सतीश कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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