करंट न्यूज ब्यूरो
शिमला
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को विकसित करने के लिए सरकार व पर्यटन विभाग ने अपने प्रयास तेज कर दिये हैं। इसके तहत तत्तापानी में जलक्रीड़ा केंद्र शुरू होने के बाद कुल्लू के लारजी डैम में लोग वाटर स्कूटर, छोटी वोट व स्टीमर की सवारी कर सकेंगे।
अप्रैल में लारजी में जलक्रीड़ा शुरू होगी। अब यहां वाटर स्पोर्ट्स का मजा लेकर पर्यटक मनाली व रोहतांग का रूख कर सकते हैं। इससे यहां के बेरोजगार युवाओं व स्थानीय लोगों के लिये रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उधर ऊना के उपायुक्त ने भी सरकार को पत्र लिखकर नंगल डैम में जल क्रीड़ा केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया है।
इस संबंध में पर्यटन विभाग के सचिव देवेश कुमार का कहना है कि अप्रैल में लारजी में जलक्रीड़ा केंद्र शुरू होगा। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे। बताया कि ऊना जिला उपायुक्त की ओर से एक प्रस्ताव आया है कि नंगल में जलक्रीड़ा केंद्र स्थापित किया जाए। प्रदेश के सात डैमों में जलक्रीड़ा को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं।
पंचायतों से जमीन का झंझट खत्म
पर्यटन विभाग को तत्तापानी में मेला कमेटी द्वारा जमीन नहीं देने से तटबंध के साथ पानी में जैटी स्थापित करनी पड़ी। पंचायतों के रवैये को देखते हुए अब सरकार ने सुरक्षित जगह पर पानी में ही जैटी स्थापित करने का निर्णय लिया है।
विभाग अब प्रदेश के दूसरे बांधों में ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायतों से जमीन मिलने का इंतजार नहीं करेगा। बिलासपुर में तो नदी तक पहुंचने के लिए सीमेंट के घाट विकसित किए गए हैं।
11 युवाओं की सोसायटी की दैनिक आमदनी 15 हजार
तत्तापानी में 11 युवाओं की एक सोसायटी जलक्रीड़ा केंद्र को संचालित कर रही है। इस सोसायटी के पास वाटर स्कूटर व छोटी वोट हैं। पर्यटकों की आमद बढऩे से इस सोसायटी के युवाओं को रोजाना 10 से 15 हजार रुपये की आमदनी होती है।