शिमला | करंट न्यूज: कुल्लू जिले की बंजार नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के चुनाव और *आरक्षण रोस्टर* को लेकर मामला अब हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय पहुंच गया है।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए *राज्य सरकार* और *प्रतिवादी धनवंती देवी* को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई *9 सितंबर* को होगी। यह याचिका *याचिकाकर्ता विवेक शर्मा व अन्य* की ओर से दायर की गई है।
*क्या है पूरा मामला*
याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को बताया कि *मई 2026* में हुए चुनावों में *वार्ड संख्या 6, अपर शेगलू* से *धनवंती देवी* ने नामांकन भरा था और वे निर्विरोध चुनी गईं थीं।
*आरक्षण रोस्टर* के तहत बंजार नगर पंचायत के अध्यक्ष का पद *अनुसूचित जाति महिला वर्ग* के लिए तय किया गया था। इसी आधार पर संबंधित प्रतिवादी को अध्यक्ष मनोनीत और चयनित किया गया।

याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि धनवंती देवी *सामान्य महिला उम्मीदवार* के रूप में चुनाव जीती हैं, न कि *अनुसूचित जाति महिला उम्मीदवार* के रूप में। केवल अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखने के कारण उन्हें अध्यक्ष पद के लिए तय *अनुसूचित जाति महिला आरक्षण रोस्टर* का लाभ नहीं दिया जा सकता।
याचिका में कहा गया है कि सामान्य सीट से चुनाव जीतने वाली महिला को आरक्षित श्रेणी का लाभ नहीं मिलना चाहिए।

अब अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगा है। *9 सितंबर* को अगली सुनवाई होगी।