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रामपुर (शिमला), करंट न्यूज़ : हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के जुब्बल की फिजाओं में आस्था और उल्लास की बयार बहने को तैयार है। क्षेत्र के आराध्य देव *शाड़ी बनाड़* के सम्मान में मनाया जाने वाला ऐतिहासिक *जिला स्तरीय रामपुरी मेला* इस बार 16, 17 और 18 जुलाई को पूरे भव्य स्वरूप में सजेगा। मेले की तैयारियों को धार देने के लिए आज SDM कार्यालय जुब्बल में प्रशासन और मेला कमेटी की अहम बैठक हुई।

*बैठक के मुख्य अंश:*

SDM *गुरमीत नेगी* की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेले को निर्विघ्न और भव्य बनाने का रोडमैप तय किया गया। SDM ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी जुब्बल और आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु रामपुरी पहुंचकर देव आशीर्वाद लेंगे और रंगारंग सांस्कृतिक संध्याओं का लुत्फ उठाएंगे।

फोटो : एआई

*प्रशासन के 4 बड़े निर्देश:

*बिजली-पानी निर्बाध:* मेले के दौरान 24×7 बिजली और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को संबंधित विभागों को सख्त हिदायत दी गई। 

*यातायात रहेगा सुगम:* भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था होगी। जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रूट भी तय होंगे। 

*कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद:* पुलिस विभाग को मेले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के विशेष इंतजाम करने को कहा गया। 

*स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट:* आपात स्थिति के लिए मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की तैनाती रहेगी।

*मेला कमेटी ने रखे सुझाव:

बैठक में *रामपुरी मेला कमेटी* के सदस्यों ने भी भाग लिया। उन्होंने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव प्रशासन के सामने रखे।

*कौन-कौन रहा मौजूद:

इस अवसर पर नायब तहसीलदार जुब्बल, BDO जुब्बल समेत बिजली बोर्ड, जल शक्ति, PWD, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने मेले को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।

*क्यों खास है रामपुरी मेला:

सैकड़ों वर्षों से चली आ रही यह परंपरा सिर्फ मेला नहीं, बल्कि जुब्बल क्षेत्र की *सांस्कृतिक पहचान और देव आस्था का जीवंत प्रतीक* है। तीन दिन तक चलने वाले इस उत्सव में लोक नृत्य, लोक गायन और देव परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

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