करंट न्यूज ब्यूरो
मंडी/केलंग/कांगड़ा
मौसम विभाग ने बुधवार को कांगड़ा, मंडी, सिरमौर व बिलासपुर जिलों के लिए भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। किन्नौर व लाहुल-स्पीति को छोड़ बाकी जिलों में आरेंज अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट वाले चार जिलों में किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल का कहना है कि शुक्रवार से प्रदेश में यलो अलर्ट रहेगा।
अनेक सड़क मार्ग रहे बाधित
प्रदेश में सोमवार रात से जारी भारी बारिश से कांगड़ा व मंडी जिले में पहाड़ दरकने लगे हैं। मंगलवार को भी प्रदेशभर में रुक-रुककर बारिश होती रही। कई स्थानों पर भूस्खलन से यातायात बाधित रहा।
लाहुल-स्पीति जिले के जिस्पा के समीप नाले में बादल फटने से बाढ़ आ गई। इससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन मनाली-लेह और मनाली-काजा मार्ग मलबा आने से बाधित हो गए हैं।
पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोगेंद्रनगर के गुम्मा में फिर से पहाड़ दरकना शुरू हो गए हैं। जिला प्रशासन मंडी ने सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लगाने वालों को सुरक्षित जगह पर जाने को कहा है।
24 घंटे में गुम्मा के छाणंग के नजदीक दो बार पहाड़ दरकने से राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। मंडी जिले की चौहारघाटी और कांगड़ा के छोटा व बड़ा भंगाल को जोडऩे वाला घटासनी-बरोट राजमार्ग बार-बार बाधित हो रहा है।
सराज हलके की दुर्गम पंचायत काऊ के छाकीधार में पहाड़ी से मलबा गिरने से 28 बकरियां दब गईं।
भागा नदी में जलस्तर बढ़ा, किनारे बसे लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए
भारी बारिश के बाद भागा नदी में जलस्तर बढऩे के बाद लाहुल स्पीति जिले के दारचा गांव से लोगों को निकाल लिया है। आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्टा ने बताया कि दारचा पुलिस चौकी के अनुसार भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढऩे से तीन दुकानों को नुकसान पहुंचा।
नदी के किनारे के घरों से सभी लोगों को पुलिस कर्मियों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।