ऊना : हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में बेहद ही सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसने सामाजिक तानेबाने को भी हिला कर रख दिया। एक नाबालिग किशोरी ने अपने पुराने दोस्त की हत्या की साजिश रची। इतना ही नहीं बल्कि उसकी हत्या करने में भी पूरा साथ दिया। जबकि मृतक हरदीप उर्फ जिया खुद को बचाने के लिए आरोपियों से मिन्नतें करता रहा। लेकिन किसी ने उस पर तरस नहीं खाया।

आरोपियों के मुताबिक एक बार उसे छोड़ने की बात भी हुई, लेकिन इस बात से किशोरी नाराज हो गई और गाड़ी से बाहर निकल गई। आरोपी वंश भी गाड़ी से बाहर निकला और उसको मनाकर दोबारा गाड़ी में लाया। जिसके बाद चारों ने मिलकर जिया की हत्या कर दी।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि चारों आल्टो कार में सवार थे और जिया पिछली सीट पर बीच में बैठा हुआ था। कपड़े की बैल्ट को उसके गले में डाला और एक तरफ से उसको मनप्रीत ने खींचा तो दूसरी ओर से वंश ने खींच रखा था।

वहीं तरणजीत ने जिया पर पैर रखकर दबाव बनाया। ताकि वह अपना बचाव करने के लिए हिल न सके। जबकि किशोरी ने जिया के दोनों हाथों को पकड़ रखा ताकि वह बैल्ट का फंदा ढीला न कर पाए। चारों ने अपना काम तब तक जारी रखा, जब तक जिया की सांसें नहीं रुक गईं।
जिया को दर्दनाक मौत देने के बाद भी आरोपियों का मन नहीं पसीजा और वह इस हत्याकांड को छिपाने में लग गए। हत्या करने से पहले उन्होंने जिया को पीटते हुए 38 सैकेंड का वीडियो बनाया। जोकि गांव के एक युवक को भेज दिया जिससे इस घटनाक्रम का पर्दाफाश हुआ था।

पुलिस जांच में पाया गया कि किशोरी की पहले जिया से दोस्ती थी। जिसके बाद उन दोनों में मनमुटाव हो गया और किशोरी की नजदीकी वंश से हो गई। इसको लेकर दोनों में काफी तनाव रहता था।
कुछ पुरानी बातों को लेकर जिया और किशोरी में भी मतभेद रहता था। जिया कुछ पुरानी बातों का जिक्र किया करता था, जिससे किशोरी तंग थी।
इसी के चलते जिया को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। किशोरी द्वारा जिया को पुराने गिले शिकवे मिल बैठ कर दूर करने के बहाने से बुलाया और फिर बड़ी ही बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या करने के बाद जिया की पूर्व दोस्त नाबालिग किशोरी भागना नहीं चाहती थी। वह कहती रही कि पकड़े तो जाएंगे, इससे अच्छा है कि पुलिस के पास खुद ही चले जाएं। लेकिन वंश के साथ वह पहले चंडीगढ़ और फिर ऊना आने के बाद मंडी के हणोगी की ओर निकल गई। जहां से उसे पुलिस ने वंश के साथ गिरफ्तार किया।

हत्या के आरोपियों ने चंडीगढ़ जाते हुए जिया के कपड़े और बैल्ट को अजोली में खेतों में फैंक दिया। हत्यारोपी मनप्रीत की खून से सनी हुई कमीज को भी वहीं फैंक दिया। इन कपड़ों को पुलिस दल ने रविवार को वंश को साथ लेकर बरामद किया गया।
इस दौरान खून से सनी हुई जिया की जैकेट और बनियान खेतों से बरामद की गई, जिससे यह साफ हुआ कि किस कदर आरोपियों ने उसको पहले लहुलुहान किया और उसके बाद उसकी हत्या की। वहीं हत्या में प्रयुक्त बैल्ट भी इन्हीं खेतों से बरामद हुई है जिसका बक्कल टूटा हुआ मिला है
पहले इस मामले में जिया के पिता निरंजन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया था। लेकिन आरोपियों के खुलासे और जिया के खून से सने कपड़े मिलने के बाद हत्या की धारा को भी जोड़ दिया गया है।

जिया के शव को बरामद करने के लिए बीते दिन पुलिस नहर के आसपास एएसपी संजीव भाटिया और एसएचओ सदर गौरव भारद्वाज की अगुवाई में डटी रही। इस दौरान गोताखोर कमलप्रीत सैनी के शव को भी ढूंढने में मदद ली गई।
हालांकि रविवार दोपहर बाद नहर में 2 शव दिखाई दिए। जिनको अभी तक निकाला नहीं गया। सोमवार सुबह शवों को निकालने का अभियान चलाया गया है, शव मिलने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
एसपी राकेश सिंह ने मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए बताया कि इस मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी गई हैं और खून से सने कपड़े और हत्या में प्रयुक्त बैल्ट को बरामद कर लिया गया है। फौरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और शव को खोजने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस केस को 2 दिन में हल करने के लिए एसएचओ सदर ने गौरव भारद्वाज ने काफी मेहनत की है। शव को रिकवर करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।