त्रिलोकी नाथ, लाहुल स्पीति
पिछले दिनों लाहुल स्पीति के कांग्रेस विधायक रवि ठाकुर द्वारा कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा की गोद में बैठ जाने से जनजातीय क्षेत्र के सियासी समीकरण पूरी तरह से बदलते नजर आ रहे हैं।

हालांकि लाहुल स्पीति कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं में रवि ठाकुर के प्रति भारी नाराजगी है। कि उन्होंने कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर वोट लेकर जीत हासिल की। लेकिन जनता के साथ धोखा करते हुए भाजपा की गोद में जा बैठे। वहीं भाजपा के खेमे में भी रवि ठाकुर को भाजपा हाईकमान द्वारा गोद लेने से अंदरूनी तौर पर भारी छटपटाहट है।
क्योंकि पूर्व मंत्री रामलाल मार्कंडेय ही लाहुल स्पीति में ऐसे नेता हैं, जिन्होंने इस जनजातीय क्षेत्र में भाजपा के कमल को बर्फ में खिलाया है। वरना उससे पहले भाजपा प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो जाया करती थी।
लेकिन रवि ठाकुर के भाजपा में आने से माना जा रहा है कि अगर उपचुनाव में भाजपा हाईकमान द्वारा रवि ठाकुर को टिकट दिया गया तो रामलाल मारकंडे उस स्थिति में विद्रोह कर सकते हैं।
लेकिन इस बीच यह भी जानकारी आई की बीती रात लगभग 12 बजे रवि ठाकुर व रामलाल मारकंडे ने हिंदुओं को बौद्धों के धार्मिक स्थल त्रिलोकी नाथ में एक गुप्त मीटिंग की। दोनों ने आपस में गले मिलते हुए तय किया कि वह चुनाव जीतने के बाद अढ़ाई-अढ़ाई साल तक विधानसभा सदस्य रहेंगे। ताकि दोनों को जनता का कल्याण करने का मौका मिल सके।

सूत्रों के मुताबिक दोनों ने वहां पर इस बात की कसमें भी खाई कि वह एक दूसरे को धोखा नहीं देंगे। अब देखना यह है कि लाहुल स्पीति की जनता उपचुनाव में किस पर अपना विश्वास जताती है और दोनों नेताओं में से कौन जनता की कसौटी पर खरा उतरेगा ?