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करंट न्यूज़ ब्यूरो

ऊना

कोरोना काल सम्बन्धों पर भी भारी पड़ने लगा है। रिश्तेदार भी मरने जीने में अपनों से मुंह मोड़ने लगे है। ऐसा ही एक मामला जिले के अंब में सिद्ध चलेहड़ पंचायत के सूहीं गांव में सामने आया है। गांव में 73 वर्षीय महिला की कोरोना से मौत पर अंतिम संस्कार के लिए अपने ही आगे नहीं आए।

बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के लिए स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने शव को श्मशानघाट पहुंचाने से मना कर दिया है। बाद में प्रशासन की सूचना पर चिंतपूर्णी विकास समिति के सदस्यों ने सोमवार सुबह बुजुर्ग महिला की अंत्येष्टि की।

महिला के पति का पहले देहांत चुका है। उनकी दो बेटियां और एक बेटा हैं। जानकारी के मुताबिक सिद्ध चलेहड़ में रविवार को कोरोना संक्रमित महिला की मौत हो गई थी।

महिला के अंतिम संस्कार के लिए पीड़ित परिवार की सहायता के लिए स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों की तरफ से कोई मदद नहीं मिल पाई। ऐसे में समाजसेवी संस्था की मदद से अंतिम संस्कार करवाया गया। महिला का रैपिड एंटीजन टेस्ट बीते शनिवार को पॉजिटिव आया था। महिला की रविवार को उसके घर पर ही मौत हो गई।

बीडीओ जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि सूहीं गांव में कोरोना संक्रमित महिला का समाजसेवी संस्था चिंतपूर्णी विकास समिति की मदद से अंतिम संस्कार किया गया।

इस दौरान समिति के संस्थापक अश्वनी धीमान, सचिव मनोज कौशिक, राकेश कुमार, कुलदीप कुमार, विशाल संदल, पंचायत प्रधान कमालदीन, सेवानिवृत्त सैनिक यशपाल, पटवारी कुसुम ठाकुर और नवदीप आदि भी मौजूद रहे।

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