चम्बा, करंट न्यूज़ :
हिमाचल के चम्बा जिले के चुराह उपमंडल से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक क्रूर पति ने अपनी 7 महीने की गर्भवती पत्नी पर इतना कहर बरपाया कि महिला की कोख ही उजड़ गई। लगातार मारपीट के कारण पीड़िता का गर्भपात हो गया और उसने अपने 7 महीने के मासूम को हमेशा के लिए खो दिया।
लहूलुहान हालत में पीड़िता ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
जंगल से लौटते समय शुरू हुआ कहर
पीड़िता ने थाना तीसा में दिए बयान में बताया कि उसकी शादी 2013 में हुई थी। दंपति के पहले से 6 बच्चे हैं और इस बार वह 7 महीने की गर्भवती थी।
करीब 5-6 दिन पहले वह जंगल से घास लेकर घर लौट रही थी। तभी रास्ते में पति ने उसे रोका और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
मायके जाते समय फिर पीटा
पति की रोज की प्रताड़ना से तंग आकर जब पीड़िता ने मायके जाने का फैसला किया तो आरोपी ने बीच रास्ते में फिर रोक लिया। गर्भवती होने के बावजूद उसने दोबारा निर्ममता से मारपीट की। इस हमले में महिला को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और खून बहने लगा।
किसी तरह हिम्मत जुटाकर पीड़िता मायके पहुंची और मां को आपबीती सुनाई। मां के साथ वह थाना तीसा पहुंची और शिकायत दर्ज करवाई।
अस्पताल में टूट गया उम्मीद का धागा
पुलिस ने पीड़िता को तुरंत सिविल अस्पताल तीसा पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज चम्बा रेफर किया गया। महिला पुलिस कर्मियों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था।
लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद, चोटों और प्रताड़ना की वजह से 6 अगस्त को पीड़िता का गर्भपात हो गया। 7 महीने से कोख में पल रहा मासूम इस दुनिया में आने से पहले ही दम तोड़ गया।
पुलिस ने किया मामला दर्ज, जांच जारी
इस जघन्य अपराध पर चम्बा पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकद्दमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
एक मां की कोख उजाड़ने वाले इस दरिंदे को कड़ी सजा दिलाने की मांग अब पूरे क्षेत्र में उठ रही है।