कुल्लू | करंट न्यूज़: श्रीखंड महादेव यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। श्रद्धालुओं की आस्था और जनभावनाओं को देखते हुए DC अनुराग चंद्र शर्मा ने यात्रा मार्ग की सुरक्षा का नए सिरे से आकलन करने के लिए *उच्च स्तरीय ‘संयुक्त निरीक्षण समिति’* का गठन किया है।
*खतरनाक ट्रैक के चलते थी यात्रा स्थगित*
पर्वतारोहण संस्थान मनाली, राजस्व और वन विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट में *भीमद्वारी और पार्वती बाग* के बीच का ट्रैक *अत्यधिक खतरनाक और असुरक्षित* पाया गया था। सुरक्षा कारणों से यात्रा को *अगले आदेश तक स्थगित* कर दिया गया था।
इसके बाद विभिन्न *धार्मिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों* ने यात्रा पुनः शुरू करने का अनुरोध किया, जिसके बाद प्रशासन ने ये समिति बनाई है।
18 जुलाई को होगा संवेदनशील हिस्से का निरीक्षण
DC के आदेश के अनुसार समिति की अध्यक्षता SDM निरमंड करेंगे। समिति में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के विशेषज्ञ, राजस्व, वन विभाग, श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट और श्रीखंड क्षेत्रीय संगठन चायल के प्रतिनिधि शामिल हैं।
यह समिति *18 जुलाई* को यात्रा मार्ग के सबसे संवेदनशील हिस्से *भीमद्वारी से पार्वती बाग* तक का विस्तृत भौतिक निरीक्षण करेगी और *1 सप्ताह के भीतर* अपनी रिपोर्ट DC को सौंपेगी।
*वैकल्पिक मार्ग और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी देगी सिफारिश*
समिति ये भी जांचेगी कि क्या कोई सुरक्षित या वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जा सकता है। अगर मार्ग सुरक्षित पाया जाता है तो समिति इन बिंदुओं पर सिफारिशें देगी।
– *प्रतिदिन अधिकतम कितने तीर्थयात्री* जा सकते हैं
– *यात्रा की सुरक्षित अवधि* क्या होगी
– *अनिवार्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं*
– *आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल*
*सुरक्षा है सर्वोच्च प्राथमिकता*
DC ने साफ किया कि तीर्थयात्रियों, स्वयंसेवकों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समिति की *तकनीकी रिपोर्ट और मौसम व भूस्खलन की स्थिति* की समीक्षा के बाद ही कानून के दायरे में *यात्रा पर अंतिम निर्णय* लिया जाएगा।
आदेश में *SDM निरमंड* को ये भी निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल उन्हीं टेंट ऑपरेटरों को पास जारी करें जिन्होंने इस मार्ग पर पहले से ही अस्थायी कैंप स्थापित किए हुए हैं।