करंट न्यूज ब्यूरो
हमीरपुर
कोरोना काल में मानवीय सरोकार में अहम भुमिका निभाने वाली हिमाचल पुलिस को हाल मेें मिले दो महत्वपूर्ण तमगोें पर जब अपने ही कालिख पोतने पर उतारू हो जाये तो वह समाज व उस वर्ग के लिये बेहद शर्मनाक स्थिति हो जाती है।
ऐसा ही एक मामला हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में सामने आया है। जिसने खाकी को न केवल दागदार किया बल्कि शर्म से उसका सिर झुका दिया।
मामला यह है कि हमीरपुर जिला के नादौन एसएचओ द्वारा एक व्यक्ति से 25 हजार की रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने पर विजिलेस की टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचने की योजना बनाई।
जिसके चलते जैसे ही विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो एसएचओ ने विजिलेंस की टीम को गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया। जिस पर विजिलेंस की टीम को सड़क से कूद कर अपनी जान बचानी पड़ी।
मिली जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति ने अपने मवेशी पठानकोट ले जाने के लिये एसएचओ नादौन नीरज राणा से अनुमति मांगी थी। लेकिन एसएचओ ने अनुमति देने की एवज में 25 हजार की मांग कर दी। अन्यथा उसे किसी फर्जी मामले मेें फंसाने की धमकी दी।
जिस पर उस व्यक्ति ने विजिलेंस को शिकायत की। शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने रिश्वत खोर एसएचओ को रंगे हाथ दबोचने की तैयारी की। मिली जानकारी के मुताबिक एसएचओ नीरज राणा अपनी निजी गाड़ी से शिकायतकर्ता से रिश्वत लेने आया।
रिश्वत लेते ही विजिलेंस की टीम जैसे ही उसको पकड़ने के लिये उसकी तरफ बढ़ी तो आरोपी एसएचओ तुरंत अपनी गाड़ी में बैठ गया और विजिलेंस की टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। जिस पर विजिलेंस की टीम ने सड़क से नीचे छलांग लगा कर अपनी जान बचाई।
इस बीच आरोपी एसएचओ मौके से फरार हो गया। हालांकि विजिलेंस ने बाद में पुलिस की मदद से फरार एसएचओ की गाड़ी तो बरामद करली है। लेकिन एसएचओ फरार हो गया है।
मंडी रेंज के विजिलेंस एसपी राहुल नाथ के मुताबिक जल्द ही फरार एसएचओ को धर दबोचा जायेगा। लेकिन इस घटना से पुलिस की खासी किरकिरी हुई है। लोगों में इस मामले को लेकर अनेक तरह की चर्चायें चली हुई है।