शिमला
कुल्लू जिला की मणिकर्ण घाटी के वरशेणी में एक निजी कम्पनी बलीचा को नियमो को ताक पर रख कर बिजली मीटर लगाने व उसके बिल में हुए करोड़ों के घपले के बाद अब बिजली बोर्ड में एक और घोटाला सामने आया है।
जिससे यह साफ हो रहा है कि बिजली बोर्ड के कुछ अधिकारी व कर्मचारी बिजली बोर्ड में बड़े स्तर पर घोटालों को अंजाम देने में लगे हुए हैं। क्योंकि एक बात साफ है कि बिजली बोर्ड में घोटालेबाज अफसरों के खिलाफ कार्रवाई तो होती नहीं है, बल्कि घोटालेबाज अफसरों को पदोन्नति दे कर अहम पदों पर ताजपोशी दी जाती है। जबकि घोटाले का ठीकरा जबरन छोटे कर्मचारियों पर फोड़ा जाता है।
बहरहाल इस बार प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब, बद्दी, नालागढ़ और पांवटा साहिब में कुछ उद्योगपतियों को बिजली बिल में हेराफेरी कर फायदा पहुंचाने का कारनामा सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) समेत तीन अफसरों को निलंबित किया गया है। बताया गया कि ये तीनों कालाअंब में तैनात थे। इनके अलावा 10 सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं पर भी बिक़ली बोर्ड प्रबंधन ने जांच बैठा दी है। जबकि जांच की जद में आये अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब भी तलब किया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक बिजली बोर्ड मुख्यालय शिमला से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों के निरीक्षण पर गई आईटी टीमों की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। बोर्ड ने दो वरिष्ठ सहायकों सहित तत्कालीन सहायक अभियंता, जो अब अधिशासी अभियंता बन गए हैं, उन्हें निलंबित किया है।
बिजली बोर्ड के सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों बोर्ड की कामर्शियल कार्यालय आईटी कार्य निरीक्षण टीम ने औद्योगिक क्षेत्रों कालाअंब, बद्दी, नालागढ़ और पांवटा साहिब में बिजली बिलों में बड़े स्तर परअनियमितताएं पाई थीं। जइसके बाद इस मसले पर जांच बिठाई गई। बताया गया कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। इन सभी अधिकारियों पर कुछ उद्योगों को अपनी तरफ से अनावश्यक लाभ देने की कोशिश करने और बिजली बोर्ड को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
उधर बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक पंकज डढवाल ने कहा कि बोर्ड इस तरह के मामलों को कतई सहन नहीं किया जाएगा। कहा कि सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ईमानदारी व कर्तव्य निष्ठा के साथ काम करना चाहिए। ताकि बिजली बोर्ड को लाभ हो सके और जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।