सुजाता शर्मा, कुल्लू
कुल्लू जिला की पार्वती घाटी के शांगचन गांव की जूही देवी की मौत कोरोना वैक्सीन लगने से नहीं, बल्कि दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। जूही देवी (74) को गुरुवार को दोपहर दो बजे स्वास्थ्य उपकेंद्र बराधा में कोरोना वैक्सीन का टीका लगा था। लगभग 45 मिनट तक वह अस्पताल में निगरानी में रही। बाद में वह गांव की तीन महिलाओं के साथ अस्पताल से चली गई। इस संबंध में एसडीएम कुल्लू डॉ. अमित गुलेरिया और स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्य टीम ने शुक्रवार को बराधा गांव का दौरा किया। छानबीन के बाद टीम ने पाया कि महिला की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।
एसडीएम अमित गुलेरिया ने बताया कि जूही देवी के पुत्र ज्ञान सिंह और मेहर सिंह ने लिखित बयान दिया है कि उनकी मां पहले से ही रक्तचाप की मरीज थी। एक साल में तीन बार दिल का दौरा पड़ा था। गुरुवार को चौथी बार दिल का दौरा पड़ा। बताया कि साथ गई महिलाओं के अनुसार जूही देवी ने बराधा में ही अपने रिश्तेदार के घर दोपहर का भोजन किया। घर जाते समय शाम को लगभग साढ़े चार बजे उन्हें चक्कर आया और दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरी लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन मृत महिला को गांव ले गए। सीएमओ कुल्लू डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि 25 मार्च को स्वास्थ्य उपकेंद्र बराधा में 24 लोगों को कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया गया था। इनमें 23 लोग पूरी तरह स्वस्थ हैं। जिले में अभी तक 60 साल से अधिक आयु के 14384 लोगों को टीका लग चुका है। वे स्वस्थ हैं। कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है।