केलंग, करंट न्यूज़ : लाहुल-स्पीति में सिस्सू के ऊपर 4070 मीटर की ऊंचाई पर स्थित घेपन ग्लेशियल झील का जलस्तर बढ़ने से संभावित आपदा के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
*उपायुक्त एवं DDMA अध्यक्ष किरण भड़ाना* ने मंगलवार को स्वयं दुर्गम रास्तों में *14 किलोमीटर की कठिन पैदल चढ़ाई* कर झील तक पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान 10 विभागों के 15 अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम उनके साथ थी।

*5 मिनट में आबादी तक पहुंच सकता है पानी – DC*
उपायुक्त ने कहा कि अब तक के आकलन में झील फटने पर 22 मिनट में पानी के आबादी क्षेत्र तक पहुंचने की बात कही गई है, लेकिन मौके पर भौगोलिक स्थिति देखकर लगता है कि पानी *मात्र 5 मिनट में* ही नीचे आबादी तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि पिछले माह नेपाल में ग्लेशियर त्रासदी ने खतरे की गंभीरता को दिखा दिया है, इसलिए घेपन के आसपास के ग्लेशियरों और पहाड़ों की स्थिरता की लगातार वैज्ञानिक निगरानी के लिए SDMA और NDMA से समन्वय किया जाएगा।
*अर्ली वार्निंग सिस्टम लगेगा*
प्रशासन झील में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने पर काम कर रहा है। C-DAC तिरुवनंतपुरम द्वारा विकसित सिस्टम का सिस्सू झील में परीक्षण हो चुका है। GSI की टीम भी पहले ही घेपन का अध्ययन कर चुकी है।
उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय, इवैक्यूएशन प्लान, मॉक ड्रिल और जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। टीम के अन्य सदस्य बेस कैंप में रात रुकने के बाद बुधवार को केलांग लौटे।

निरीक्षण दल में प्रोजेक्ट ऑफिसर अश्वनी शर्मा, BRO के कैप्टन हरिओम शरण, डॉ. सुषमा, डॉ. विक्रांत नेगी सहित जल शक्ति, वन, बिजली बोर्ड, फायर और होमगार्ड के अधिकारी शामिल रहे।