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शिमला : केंद्र सरकार की उपेक्षा से हिमाचल प्रदेश के पर्यटन व्यवसाय को बड़ा झटका लगा है। जिसका विपरीत असर प्रदेश के पर्यटन व्यवसाय पर आने वाले समय में पड़ेगा।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेटस फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत 23 राज्यों को 3296 करोड़ रुपए जारी किए हैं। लेकिन हैरत इस बात की है कि प्रधानमंत्री के दूसरे घर हिमाचल प्रदेश का इस सूची में नाम ही नहीं है।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत ने सोशल मीडिया अकाउंट पर 23 राज्यों के साथ जारी की गई धनराशि की डिटेल की एक पोस्ट साझा की है।

हिमाचल के पड़ोसी राज्य पंजाब को एसबीएस नगर के विकास और हेरिटेज संरक्षण के लिए 53 करोड़ रुपए की राशि जारी हुई है।

वहीं, उत्तराखंड के ऋषिकेश के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए दिए गए हैं, लेकिन 23 राज्यों में हिमाचल का नाम नहीं है।

राज्य के प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार ने बताया कि स्पेशल असिस्टेंट के तहत हिमाचल सरकार ने भी पर्यटन विभाग के माध्यम से प्रोजेक्ट भेजे थे, लेकिन इन्हें कंसीडर नहीं किया गया। इसकी वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है।

कहा कि राज्य सरकार अन्य उपलब्ध विकल्पों के माध्यम से दोबारा से टूरिज्म सेक्टर में धनराशि के लिए आवेदन करेगी।

सांसद अनुराग ठाकुर से पूछे सवाल

केंद्रीय पर्यटन मंत्री की पोस्ट को सांसद अनुराग ठाकुर ने भी फेसबुक पर साझा कर लिया।

जैसे ही उनकी टाइमलाइन पर इन 23 राज्यों की सूची देखी तो लोगों ने कमेंट बॉक्स में हिमाचल को लेकर सवाल करना शुरू कर दिए। लोग यह सुझाव भी दे रहे थे कि भाजपा सांसद इस बारे में केंद्र से बात करें।

अनदेखी से प्रभावित होगा टूरिज्म

गौरतलब है कि कोरोना के समय हिमाचल में पूरे देश के साथ ही पर्यटकों की संख्या में तेजी से कमी आई थी, लेकिन उसके अगले दो साल में हिमाचल ने पर्यटकों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि की है। पर्यटन क्षेत्र में प्रदेश की अनदेखी से पर्यटन व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है।

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