करंट न्यूज ब्यूरो
आनी (कुल्लू)
सरकार द्वारा हिमाचल में 7 मई से 26 मई तक कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। कोरोना कर्फ्यू लगाने का कारण कोरोना संक्रमण के प्रसार में कमी लाना है। इस संदर्भ में शहरी क्षेत्र में तो यह कर्फ्यू कारगर साबित हो रहा है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इन नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
ऊंचाई वाले पर्वतीय तीर्थ स्थानों पर लोग इन दिनों कोरोना महामारी से बेपरवाह होकर धड़ल्ले से यात्रा कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार बखनाओ पंचायत के नोहनू, सोर, भगाड़ी व कुईकंडा जैसे अनेक स्थानों पर आजकल लोग बहुत अधिक संख्या में दैनिक यात्रा कर रहे है।
आदर्श युवा मंडल गाड़ के प्रधान संजय छोटू ने कहा कि सरकार एक ओर जहां कर्फ्यू व धारा 144 जैसी बंदिशों के माध्यम से कोरोना महामारी पर लगाम लगाने का प्रयास कर रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सरकार के इन फरमानों की सरेआम धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल के इस दौर में लोगों का घरों से अधिक संख्या में बाहर निकलना उचित नहीं है। चूंकि कोरोना की दूसरी लहर बेहद खतरनाक है। इसलिए इसके बचाव के लिए लोग पूरी एतिहात बरतें और सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें।
संजय छोटू ने प्रशासन से आग्रह किया है कि धार्मिक स्थलों पर लोगों की अधिक आवाजाही पर नकेल कसी जाए। ताकि कोरोना महामारी के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।