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शिमला


हिमाचल प्रदेश मेें कोरोना के बढ़ते मामलों को मददेनजर रखते हुए सरकार ने प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को 31 जनवरी तक बंद कर दिया है। इससे पहले 26 जनवरी तक स्कूलों को बंद करने के निर्देश जारी किए गए थे। राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की ओर से जारी अधिसूचना में 26 तक लगाई गई पाबंदियों को 31 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

शिक्षण संस्थानों में आनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को कहा है कि हर घर पाठशाला कार्यक्रम के तहत आनलाइन पढ़ाई जारी रखें। इसके अलावा स्कूल शिक्षक लाइव कक्षाएं भी लें, ताकि बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा न आए।

राज्य सरकार के इस फैसले से ग्रीष्मकालीन स्कूलों सहित इंजीनियरिंग, पालीटेक्निक, आईटीआई को बंद कर दिया गया है। शीतकालीन स्कूलों और डिग्री कॉलेजों में फरवरी तक पहले ही सर्दियों की छुट्टियां हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेशों के अनुसार सभी स्कूल, कालेज, विश्वविद्यालय, शैक्षणिक संस्थान, इंजीनियरिंग पालिटेक्निक कालेज, आईटीआई व कोचिंग सेंटर बंद रहेंगे। आवासीय विद्यालय भी इस अवधि के लिए बंद रहेंगे। हालांकि, सभी नर्सिंग और मेडिकल कालेज खुले रहेंगे और कोविड-19 का पालन सुनिश्चित करेंगे।

नए आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने जिला प्रशासन को कोविड नियमों का पालन नहीं करने वाले पर्यटकों और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटकों से राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी एसओपी का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया।

कोचिंग सेंटर खोलने की कर रहे थे मांग

प्रदेश में कोचिंग सेंटरों को खुला रखने की मांग लगातार उठ रही थी। अभिभावकों के अलावा कोचिंग सेंटर संचालकों की तरफ से भी यह मांग आ रही थी। उनका तर्क था कि बच्चे प्रोफेशनल कोर्सेज की कोचिंग लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं।

बच्चों के अभिभावक भी चाह रहे हैं कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत कोचिंग सेंटर खुलें। लेकिन राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की ओर से इस संबंध में कोई छूट नहीं दी गई है

One thought on “हिमाचल में शिक्षण संस्थान 31 जनवरी तक बंद, शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षायें लेने के नए निर्देश जारी”
  1. पांगी जैसे क्षेत्र में ऑनलाइन पढ़ाई कैसे हो पायेगा पिछड़ा क्षेत्र को अंधेरे में रखा गया है सरकार द्वारा जियो टावर लग कर 6साल हो चुका है लेकिन नाम के लिए खड़ा करके रखा हुआ है।
    इसका नतीजा 2022 विधानसभा इलेक्शन में देखने को मिलेगा
    पांगी एक खूबसूरत पर्यटक स्थलों में से एक हैं सरकार का ध्यान बिल्कुल भी नहीं है।
    आजकल बिजली और बीएसएनएल नेटवर्क दोनों पांगी के अंदर मर चुका है।
    हेलीकॉप्टर के इंतजार में लोग दर दर भटक रहा है 5साल होने को हो गया बीजेपी सरकार ने हेलीकॉप्टर को पांगी के अंदर बंद कर दिया है।
    ना जाने और क्या क्या पांगी घाटी के लोग बहुत परेशान है बीजेपी के नेता लोग खुश है।
    पांगी में सोलर पैनल बांटा गया उससे तो एक बिजली प्रोजेक्ट खड़ा हो जाता डुप्लीकेट बेटरी है सबके सब सब काम अंधेरे हो रहा है।
    प्रधानमंत्री जी को पांगी को बचाना चाहिए।

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