शिमला / कुल्लू, करंट न्यूज़ : हिमाचल में जिन दो अफसरों के तबादले को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा थी, आखिरकार सरकार ने उनकी पोस्टिंग कर दी, लेकिन तैनाती ऐसी जगह की, जिससे कुल्लू वापसी की उनकी सारी उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फिर गया।
हम बात कर रहे हैं कुल्लू के पूर्व उपायुक्त *अनुराग चंदर शर्मा, IAS* और कुल्लू के पूर्व एसडीएम *निशांत कुमार, HPAS* की।
सरकार द्वारा 22 और 23 सितंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार अनुराग चंदर शर्मा को *MD, HPTDC धर्मशाला (कांगड़ा)* जहाँ उनका घर भी है और निशांत कुमार को भी *SDM प्रागपुर (कांगड़ा)* लगाया गया है।
*क्या है पूरा मामला जिससे मचा था बवाल?*
जैसा कि *करंट न्यूज़* ने पहले भी बताया था, इन दोनों अधिकारियों पर *कसोल में रेव पार्टी को परमिशन देने* के गंभीर आरोप लगे थे। मामला हिमाचल हाईकोर्ट तक पहुंचा था।
सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ *कड़ी टिप्पणियां* की थीं और सरकार को *तत्काल तबादला करने के निर्देश* दिए थे, साथ ही मामले की *जांच के भी आदेश* दिए थे।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोनों अधिकारी राहत के लिए *सुप्रीम कोर्ट भी गए, लेकिन वहां से भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।* सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इंकार कर दिया।
*सरकार ने बिठाए रखा खाली, कुल्लू वापसी की थी उम्मीद*
हाईकोर्ट के निर्देश पर सरकार ने दोनों को कुल्लू से हटा तो दिया, लेकिन उसके बाद लंबे समय तक उन्हें *बिना पोस्टिंग के बेकार बिठाए रखा।*

चर्चा तो यह थी कि दोनों अधिकारियों को उम्मीद थी कि मामला ठंडा होने के बाद सरकार उन्हें फिर से कुल्लू में ही तैनात कर देगी। इतना ही नहीं, कई लोग तो उनकी *पुनः कुल्लू तैनाती को लेकर शर्तें तक लगा रहे थे* कि जल्द ही दोनों की कुल्लू वापसी होगी।
लेकिन सरकार ने इस बार स्पष्ट कर दिया कि वह हाईकोर्ट की टिप्पणियों को हल्के में नहीं ले रही है। दोनों को कुल्लू की बजाय कांगड़ा जिला भेजकर सरकार ने न केवल हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया है, बल्कि शर्त लगाने वालों के सपने को भी बुरी तरह चकनाचूर दिया है।
अब देखना होगा कि जांच में इन अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है?