स्वारघाट (बिलासपुर) | करंट न्यूज़:
बिलासपुर ज़िला स्वारघाट की री पंचायत के बाद अब श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र की कोडांवाली पंचायत में भी पंचायत चुनाव को लेकर नया विवाद सामने आया है। विवाद का मुद्दा पात्रता और दस्तावेजों से जुड़ा है।
पूर्व प्रत्याशी ने मौजूदा प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप
कोडांवाली पंचायत से प्रधान पद की चुनाव लड़ चुकी मंजीत कौर ने वर्तमान प्रधान कुलविंद्र कौर के दस्तावेजों पर सवाल उठाए हैं। चुनाव में पराजित रहीं मंजीत कौर का आरोप है कि वर्तमान प्रधान द्वारा लोकमित्र केंद्र से बनवाए गए कुछ दस्तावेज कथित रूप से जाली हैं।

मंजीत कौर ने बताया कि उन्होंने RTI के तहत जानकारी ली थी। RTI में वर्तमान प्रधान का मायका हिमाचल प्रदेश दर्शाया गया है, जबकि हकीकत में उनका मायका पंजाब के नंगल में है।
आरक्षण और पात्रता पर उठे सवाल
मंजीत कौर का कहना है कि पंचायत चुनाव के दौरान आरक्षण, जाति प्रमाण पत्र और पात्रता को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन बिलासपुर और राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे और पात्रता से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो।
कानूनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग
मंजीत कौर ने जिलाधीश बिलासपुर और उपमंडल एवं तहसील प्रशासन श्री नयना देवी जी (स्वारघाट) से यह भी स्पष्ट करने की मांग की है कि यदि किसी अन्य राज्य की अनुसूचित जाति वर्ग की युवती का विवाह हिमाचल में हुआ हो, तो क्या उसे हिमाचल में पंचायत चुनाव में SC आरक्षण का लाभ मिल सकता है?

उनका कहना है कि इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद न हों।
प्रशासनिक जांच का इंतजार
फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।