शिमला, करंट न्यूज़: करुणामूलक आश्रित परिवारों की नियुक्तियों को लेकर प्रदेश करुणामूलक संघ ने सरकार से मांग की है कि पात्र पाए गए सभी मामलों में 1 महीने के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। संघ का कहना है कि सरकार द्वारा समय-समय पर नोटिफिकेशन तो जारी की जा रही हैं, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है।
*कमेटियों तक सीमित न रहे सरकार का काम*
प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और मीडिया प्रभारी गगन कुमार ने कहा कि सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले के लिए कमेटियां ही गठित की गईं। पहले शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई, लेकिन 2 साल तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।
अब मल्टी-टास्क कमेटी का अध्यक्ष उपमुख्यमंत्री को बनाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये परिवार सिर्फ कमेटियों तक ही सीमित रहेंगे या सरकार धरातल पर भी कोई कार्य करेगी।

*3 लाख आय सीमा से 1300 आश्रित पात्र पाए गए*
संघ ने बताया कि मुख्यमंत्री से बार-बार मिलने और मांग उठाने के बाद कमेटी ने सिफारिश की थी कि करुणामूलक पॉलिसी की वार्षिक आय सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख की जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवारों को लाभ मिल सके।
इसी सिफारिश के आधार पर सरकार ने हाल ही में नोटिफिकेशन जारी कर नियमों में छूट दी और सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों से पात्र आश्रितों का ब्यौरा 31 दिसंबर 2025 तक सचिव स्तर पर शिमला मंगवाया।
इसके बाद सभी विभागों ने कार्य पूरा कर ब्यौरा सौंप दिया। इसमें प्रदेश भर के विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों से लगभग 1300 आश्रित पात्र पाए गए हैं।
*फाइनेंस और सचिव स्तर पर अटकी हैं फाइलें*
अजय कुमार ने कहा कि विभागीय स्तर पर कमेटियां गठित होने के बाद ये 1300 आश्रित सरकार की सभी शर्तें पूरी कर चुके हैं। लेकिन अब उनकी फाइलें फाइनेंस विभाग या सचिव स्तर पर लंबित पड़ी हैं। सरकार स्पष्ट करे कि इन्हें नियुक्तियां कब दी जाएंगी।
*पुराने मामलों की रिकंसीडरेशन पर जताया आभार*
संघ ने सरकार द्वारा बीते दिन जारी उस नोटिफिकेशन का भी स्वागत किया जिसमें पुरानी 62500 रुपये आय सीमा वाली पॉलिसी के तहत अधिक आय के कारण अस्वीकृत मामलों को पुनर्विचार के लिए कहा गया है।
साथ ही संघ ने मांग की कि सरकार यह भी स्पष्ट करे कि 3 लाख आय सीमा वाली 31 दिसंबर 2025 की नोटिफिकेशन के तहत पात्र पाए गए आश्रितों को नियुक्तियां कब मिलेंगी और चतुर्थ श्रेणी की पॉलिसी कब सार्वजनिक की जाएगी।
संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि करुणामूलक परिवारों के मुद्दे पर अब और देरी न की जाए और सभी पात्रों को जल्द राहत दी जाए।