मनाली, करंट न्यूज़: ‘इंस्टाग्राम के लिए जान दांव पर?’ मनाली में व्यास नदी का रौद्र रूप देखकर भी पर्यटकों की लापरवाही नहीं थम रही। प्रशासन-पुलिस की रोज चेतावनी के बावजूद भी *सेल्फी-रील के दीवाने* मौत के मुंह में जा रहे हैं। लगातार बारिश से उफनती व्यास अब काल बनकर बह रही है, पर कुछ लोगों को फोटो का नशा जिंदगी से ज्यादा प्यारा है।

आज मनाली पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए 9 ऐसे लापरवाहों के चालान काटे, जो नदी किनारे वीडियो-फोटो बना रहे थे। जिस पर उनका हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम की धारा 114 और 115 के तहत *सबका चालान* ठोका गया। डीएसपी मनाली ने साफ कहा कि *‘अब माफी नहीं, सीधी कार्रवाई होगी।’*
*DSP केडी शर्मा की दो-टूक: ‘ये अपील नहीं, आखिरी वार्निंग है’*
डीएसपी केडी शर्मा ने *तीखे शब्दों* में कहा, “मीडिया से लेकर लाउडस्पीकर तक, हर तरीके से समझा रहे हैं कि व्यास के पास मत जाओ। पानी का बहाव इतना तेज है कि पैर फिसला तो जिंदगी दांव पर है। फिर भी कुछ लोगों को रील बनानी है। अब चालान ही नहीं, FIR भी होगी। ये अपील नहीं, आखिरी चेतावनी समझो।”

*क्यों खतरनाक है व्यास: एक सेकंड की चूक- जिंदगी खत्म*
*जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर:* लगातार बारिश से *व्यास खतरे के निशान से ऊपर* बह रही है।
*बहाव 80 किमी/घंटा से तेज:* पत्थरों से टकराता पानी *किसी को भी बहा ले जाने* के लिए काफी है।
*फिसलन भरे किनारे:* गीले पत्थरों पर *एक कदम गलत पड़ा और सीधे मौत*।
*‘घरवालों का सोचो’ – पुलिस की इमोशनल अपील भी बेअसर*
प्रशासन ने कहा, “आपकी एक रील के लिए मां-बाप को जिंदगी भर का रोना मत दो। पिकनिक मनाने आए हो, मातम मनवाकर मत जाओ।” लेकिन बावजूद इसके सोलंग, बाहंग, आलू ग्राउंड के पास रोज दर्जनों पर्यटक नदी किनारे दिख रहे हैं।

*मनाली पुलिस ने साफ किया* है कि भविष्य में भी नदी किनारे दिखने वालों पर सख्त धाराओं में केस होगा। ड्रोन और सिविल ड्रेस में पुलिस अब निगरानी कर रही है।
*ख्याल रखें:* व्यास कोई पिकनिक स्पॉट नहीं, मौत का कुंड है। एक लाइक के लिए जिंदगी दांव पर न लगाएं।
*प्रशासन की अंतिम अपील:* “अपनी और परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। व्यास से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें।”