कुल्लू, करंट न्यूज़/प्रिया शर्मा : जिला के पार्वती वन मंडल के तहत नरोगी क्षेत्र के जंगल में देवदार के पेड़ों पर अवैध तरीके से कुल्हाड़ी चलने का मामला सामने आया है। जिसमें वन माफ़िया ने बड़ी संख्या में अवैध तरीके से पेड़ों का कटान किये जाने की चर्चा बड़े स्तर पर चली हुई है।
वहीं, वन विभाग ने अवैध कटान की जांच के लिए दो दर्जन कर्मचारी की टीम का गठन कर दिया है। जो जंगल में जाकर अवैध काटन होने की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि पार्वती वन मंडल के नरोगी जंगल में बड़ी संख्या में पेड़ों के अवैध कटान का मामला लगातार मीडिया में उछल रहा है। बताया जा रहा है कि नरोगी जंगल में टीडी की आड़ में बड़ी संख्या में देवदार के पेड़ों का अवैध कटान हुआ है।
हालांकि अभी तक इस मामले में वन विभाग के किसी भी अधिकारी का अधिकृत बयान नहीं आया है कि नरोगी जंगल में कितने देवदार के पेड़ अवैध तरीके से काटे हैं या नहीं कटे हैं।
लेकिन बताया जा रहा है कि जंगल में बड़े पैमाने पर देवदार के पेड़ों का कटान हुआ है और अवैध कटान पर पर्दा डालने के लिए वन माफ़िया द्वारा पेड़ों के ठूंठ को मिट्टी से ढका जा रहा है।
ताकि पेड़ कटान की असलियत सामने न आ सके। लेकिन बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर अवैध कटान के मामले को सार्वजनिक कर दिया।
यह भी माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में हुए अवैध कटान में वन कर्मचारियों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि जिस तरह से पेड़ों का कटान हुआ बताया जा रहा है, वह कर्मचारियों की मिली भगत के बिना संभव नहीं है।
उधर वन महकमे के कुल्लू स्थित अरणयपाल संदीप शर्मा ने बताया कि अवैध की चर्चा सामने आई है। जिसके लिए उन्होंने 24 वन कर्मचारी की टीम का गठन कर उन्हें जांच का जिम्मा सौंपा है। कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फिलहाल 24 कर्मचारियों की जांच टीम के गठन से एक बात तो साफ हो जाती है कि निश्चित तौर पर नरोगी जंगल में देवदार के पेड़ों पर बड़े पैमाने पर कुल्हाड़ी चली है। जिसमें वन विभाग के कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। अब देखना यह है कि अवैध कटान की जांच के लिए गठित जांच टीम अपनी क्या रिपोर्ट देती है।
हालांकि यह भी सूचना मिली है कि कुछ लोग मीडिया के लोगों को भी फोन कर इस मामले को न उछालने का आग्रह करते आ रहे हैं। जिससे एक बात तो साफ हो जाती है कि निश्चित तौर पर नरोगी के जंगलों में अवैध कटान बड़े पैमाने पर हुआ है और उसमें विभागीय कर्मचारियों के साथ-साथ कुछ रसूखदार लोगों की सलिप्तता भी है, जो जांच के बाद सामने आ सकती है।