शिमला, करंट न्यूज़ : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शिमला पुलिस द्वारा नशे के बड़े गोरख धंधे का पर्दाफाश करते हुए प्रदेश भर के लोगों को चौंकने पर विवश कर दिया है।

क्योंकि नशे कि इस गोरख धंधे में हिमाचल पुलिस के एसटीएफ विंग के चार जवान भी शामिल पाए गए हैं। इस सारे मामले में शर्मनाक पहलू तो यह है कि पुलिस की वर्दी में छिपे ये चारों कुल्लू जिला के ही रहने वाले हैं।
पुलिस सूत्रों के माने तो शिमला पुलिस द्वारा बरामद एक करोड़ के एलएसडी मामले में आरोपियों से हुई पूछताछ व प्रारंभिक जांच में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

पुलिस द्वारा इस नशा तस्करी मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि 8 मार्च को कुल्लू में शिमला में पकड़ी गई एलएसडी की खेप से दो गुना से ज्यादा एलएसडी को तस्करी करके लाया था। बाद में शिमला में आरोपियों से पकड़ी नशे की खेम कम निकली है।

इसी बीच नशा तस्करी के आरोपों के घेरे में आए एसटीएफ कुल्लू के कर्मचारियों ने नशे को पकड़ा तो जरूर, लेकिन मामला दर्ज करने की जगह खुद इस पूरे मामले में संलिप्त हो गए।
पुलिस की माने तो अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जब एसटीएफ के कर्मचारियों ने तस्करों से नशे की खेप पकड़ी तो इसकी कितनी मात्रा थी। जिसके चलते सवाल यह कुलबुलाहट कर रहा है कि कहीं इससे पहले आरोपियों ने नशे की कुछ मात्रा को ठिकाने तो नहीं लगा दिया था।

हालांकि शिमला पुलिस करोड़ों की एलएसडी मामले की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। ताकि इसका हर पहलू सामने आ सके।
जबकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी इस मामले को लेकर अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। केवल जांच जारी होने की बात कह कर टालते आ रहे हैं। जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं और वह बयानबाजी कर जल्दबाजी नहीं करना चाहती है।
बताया जा रहा है कि मामले की संवेदनशीलता को मद्देनजर रखते हुए इसकी जांच का जिम्मा एएसपी अभिषेक को सौंपा है। इसके साथ ही स्पेशल सेल की टीम उनके साथ जांच कर रही है।

ताकि नशे के इस करोड़ों के गोरखधंधे की तमाम परतें उधेड़ी जा सके और यह भी खुलासा हो सके कि इस विनाशकारी धंधे में और कौन कौन शामिल है।