केलंग, करंट न्यूज़ : उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अध्यक्ष लाहुल-स्पीति किरण भड़ाना ने जिला में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के सुव्यवस्थित एवं न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करने हेतु एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
यह आदेश हिमाचल प्रदेश सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में वर्तमान आपूर्ति सीमाओं को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है।
ताकि आवश्यक सेवाओं की निरंतरता बनी रहे, जमाखोरी पर रोक लगे तथा संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
जारी आदेश के अनुसार वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
प्रथम प्राथमिकता के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों एवं अस्पतालों को उनकी आवश्यकता के अनुसार अधिकतम 100 प्रतिशत तक आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जिसके लिए कुल आवंटन का 37 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। द्वितीय प्राथमिकता में होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबों को 36 प्रतिशत आवंटन किया गया है।
तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम प्राथमिकता श्रेणियों में क्रमशः सामाजिक आयोजन/कार्यक्रम, औषधि उद्योग तथा सरकारी/सार्वजनिक उपक्रम/कॉर्पाेरेट एवं औद्योगिक इकाइयों, अतिथि गृहों एवं कैंटीनों को प्रत्येक को 9-9 प्रतिशत आपूर्ति निर्धारित की गई है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति औसत दैनिक खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक सीमित रहेगी।
वितरण केवल 19 किलोग्राम, 47.5 किलोग्राम एवं 425 किलोग्राम श्रेणी के सिलेंडरों में ही किया जाएगा तथा आपूर्ति उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के आधार पर ही सुनिश्चित होगी।
इसके अतिरिक्त, जमाखोरी की रोकथाम के लिए उपभोक्ताओं को उनके पिछले तीन माह के औसत उपभोग के आधार पर ही सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।
लंबित बुकिंग के निपटान के लिए “फर्स्ट-इन-फर्स्ट-आउट” प्रणाली का कड़ाई से पालन किया जाएगा। किसी भी उपभोक्ता को निर्धारित सीमा से अधिक आपूर्ति नहीं की जाएगी और तेल विपणन कंपनियों की ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली का अनुपालन अनिवार्य होगा।
निगरानी एवं प्रवर्तन के तहत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, तेल विपणन कंपनियों तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस के अधिकारियों की संयुक्त टीमें नियमित निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाएंगी। इन अभियानों का उद्देश्य जमाखोरी, कालाबाजारी, अवैध भंडारण, आपूर्ति में हेराफेरी तथा कम तोल जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाना रहेगा।
आदेशों के किसी भी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005, भारतीय न्याय संहिता, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा एलपीजी (आपूर्ति एवं वितरण विनियमन) आदेश के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने संस्थानों को सलाह दी गई है कि वे एलपीजी पर निर्भरता कम करने हेतु वैकल्पिक ईंधन एवं तकनीकों को अपनाएं, जिनमें विद्युत इंडक्शन कुकिंग, स्टीम आधारित कुकिंग प्रणाली एवं जहां संभव हो, पाइप्ड नेचुरल गैस का उपयोग शामिल है।
आमजनता की जानकारी हेतू जिला में एलपीजी की उपलब्धता की दैनिक निगरानी एवं रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी तथा आमजन को अनावश्यक बुकिंग एवं जमाखोरी से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगा।