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मंडी, करंट न्यूज : सीटू से सबंधित मिड-डे-मील वर्करज यूनियन मंडी ज़िला कमेटी की बैठक कॉमरेड तारा चन्द भवन में जिला प्रधान बिमला देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें सीटू के प्रधान भुपेंद्र सिंह, उपप्रधान गुरदास वर्मा, महासचिव राजेश शर्मा सहित तीस कमेटी सदस्यों ने भाग लिया।

बैठक में मिड डे मिल वर्करों को साल में बारह महीनों में से केवल दस महीनों का वेतन देने और किसी प्रकार की भी छुटियाँ उन्हें न देने के लिए हिमाचल सरकार की नीति का विरोध किया। यह सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। सीटू ज़िला प्रधान भुपेंद्र सिंह ने कहा कि मिड डे मील वर्करों को केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले पंद्रह साल से एक रुपये की भी वृद्धि नही की है और उन्हें केंद्र सरकार केवल एक हज़ार रुपये ही दे रही है।

लेकिन हिमाचल सरकार से इन्हें चार हज़ार रुपये दिए जाते हैं। जिससे साफ़ है कि मोदी सरकार मिड डे मील वर्करों के पक्ष में कोई काम नहीं कर रही है। यही नहीं केंद्र सरकार ने 25 बच्चों की शर्त लगा कर बीस साल से काम कर रहे वर्करो की छंटनी की जा रही है।

लेकिन यूनियन की मांग है कि प्रत्येक स्कूल में कम से कम दो वर्कर्स लगाए जाएं औऱ छंटनी पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि वर्करों को हर महीने मिलने वाले वेतन की उन्हें कोई पे स्लीप नहीं दी जा रही है। उससे ये पता नहीं चलता है कि उन्हें किस महीने का वेतन जारी किया गया है। कई बार उसमें कटौती की जाती है। इसलिए यूनियन की मांग है कि वर्करों को हर महीने की पांच तारीख़ से पहले वेतन दिया जाये और उन्हें पे स्लिप भी जारी की जाये।

बैठक में ये भी प्रस्ताव पारित किया गया कि सरकार द्धारा बन्द या मर्ज़ किये जा रहे स्कूलों की स्थिति में उन्हें विभाग में दूसरे पदों जैसे पियून, वॉटरगार्ड, मल्टीटास्क वर्कर इत्यादि के पदों पर लगाया जाए और इसके लिए पालसी बनाई जाये।

यह भी मांग उठाई गई कि जिन वर्करों को स्कूल मर्ज़ होने पर दूसरे स्कूलों में भेजा गया है, उन्हें केवल साढ़े तीन हज़ार रुपये ही मिल रहे हैं। जबकि दूसरे स्कूलों में काम कर रहे वर्करों को पांच हजार रुपए मासिक मिल रहे हैं।

यूनियन की मांग है कि इन वर्करों को विभागीय कर्मचारी बनाया जाए और उन्हें सरकार का न्यूनतम वेतनमान दिया जाए। इन सब मांगो के लिए यूनियन उपदेशक व निदेशक को ज्ञापन सौंपेगी और 26 नवंबर को उपमंडल स्तर पर धरने प्रदर्शन आयोजित की जायेंगे।

बैठक में राणो देवी, रीना देवी, निशा देवी, बक्सी राम, चंद्रावती, अंजना, सोमा, देवेंद्र, आशा, अंजना, पदमा, उर्मिला, गोमती, विजय कुमारी, चिंता देवी, जमना, सलोचना, बिमला, पवना, व्यासा, ललिता, रीना, अनुराधा, लालमन, दुनी चन्द इत्यादि ने भाग लिया।

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