करंट न्यूज ब्यूरो
मंडी
भूमि अधिग्रहण-2013 कानून (पुनर्स्थापना,पुनर्वास व चार गुना मुआवजा) को लागु करवाने के लिये 5 अगस्त को मंडी में राज्य स्तरीय परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुये सयुंक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष जोगिन्दर वालिया ने कहा कि पिछले दिनों शिमला में फोरलेन से सबंधित शिकायतों के निपटारे हेतु शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर की अध्यक्षता में गठित सब कमेटी की बैठक हुई।
जिसमे सरकार द्वारा हिमाचल में प्रस्तावित फोरलेन, रेलवे व अन्य परियोजनाओं में अधिग्रहित भुमि का चार गुना मुआवजा देने से अपने हाथ खींच लिए। जिसके कारण किसानों व प्रभावितों में भारी गुस्सा है।
जोगिंदर वालिया ने कहा कि दुःख कि बात है कि अपने को किसान हितेषी सरकार बताने वाली भाजपा सरकार के तीन बर्ष बीत जाने के बावजूद भी हिमाचल सरकार इस मसले पर कोई फैसला नहीं ले पाई है। दूसरी तरफ प्रस्तावित फोरलेन में लंबित आर्बिट्रेशन मामले 3 साल से मंडलीय न्यायालय में पड़े है।
लेकिन और कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके साथ ही नगर एवं ग्राम योजना (टीसीपी) को सरकार ने 50 मीटर कि शर्त को लागू कर दिया गया। लेकिन रोड़ प्लान में बदलाव, प्रस्तावित सड़क (ROW) के बाहर हुए नुकसान का मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है।
कहा कि मूल्यांकन व घोषित अवार्ड का मुआवजा देने में देरी की जा रही है तथा सर्कल रेट को काम किया जा रहा है। वालिया ने मांग की है कि स्थानीय लोगों को रोजगार सुनिचित किया जाये।
सयुंक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष जोगिन्दर वालिया ने बताया कि उपरोक्त समस्याओं व भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को लागु करने के लिये 5 अगस्त को सुबह 11.30 बजे एक राज्यस्तरीय परिचर्चा बैठक वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद भवन (कुसम थियेटर के सामने) जेल रोड मण्डी में आयोजित की जायेगी। जिसमें शिमला, सोलन, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू व काँगड़ा के प्रभावित किसानों व दुकानदारों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
बताया कि बैठक में भूमि अधिग्रहण से प्रभावितों के हितों को संरक्षित करने हेतु प्रदेश व्यापी ठोस कार्यनीति बनाई जाएगी तथा आगामी रूप रेखा के बारे में विचार-विमर्श किया जायेगा।
सभी किसान व प्रभावित एक साथ मिल-जुल कर आने वाले दिनों में अपनी आवाज को तेज करेंगे और राज्य स्तरीय सयुंक्त भावी रूपरेखा बनाई जाएगी। वालिया ने बताया कि बैठक में सरकार को अपने वायदे पूरा करने के लिए मजबूर के संदर्भ में भी ठोस रणनीति बनाई जायेगी।