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कुल्लू, धर्मचंद यादव : दशकों से भुंतर शहर के लिए आफत बन खोखन नाला भविष्य में भी शहर वासियों के लिए आफत ही बने रहने की पूरी संभावना है। क्योंकि नाले के ऊपर बड़े पैमाने पर हुए अवैध कब्जों को हटाने की कवायद पूर्व की भांति इस बार भी सम्भवतः फाइलों में ही सिमटने वाली है।

हालांकि बीते माह हुई भारी बारिश के बाद खोखन नाले ने जिस तरह से भुंतर बाजार व बस्ती में तांडव दिखाया था, उसके बाद शहर वासियों ने भी नाले के ऊपर हुए अवैध कब्जों को हटाने की मांग की थी। वहीं, करंट न्यूज़ ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने अवैध कब्जों को हटाने की कवायद शुरू कर दी है।

लेकिन जानकार सूत्रों की मानें तो तमाम अवैध कब्जाधारियों ने जिला के बड़े कांग्रेस नेता से संपर्क साधकर उनसे अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई को रोकने का आग्रह किया है। यह भी जानकारी मिली है कि कांग्रेस के बड़े नेता द्वारा पिछले दिनों में भुंतर में अवैध कब्जाधारियों के साथ बैठक करके उन्हें भरोसा दिया है कि अवैध कब्जे नहीं हटाए जाएंगे।

इसके साथ ही यह भी जानकारी मिली है कि अवैध कब्जाधारियों ने अपने स्तर पर एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी ने निर्णय लिया है कि वह अपने स्तर पर नाले को गहरा करने के लिए जेसीबी लगाएंगे तथा अवैध कब्जों को भी अपने आप हटा देंगे।

लेकिन यह भी सूचनाएं छनकर आ रही है कि नाले का जितना आकार उसी को ही कुछ हद तक गहरा करने की योजना है, बाकी अवैध कब्जे वैसे ही रहने दिए जाएंगे। कब्जे हटाने की दिशा में अभी तक कोई कार्य नही हुआ है। नाले को गहरा करने के कार्य पर भी महज लीपापोती की जा रही है।

बताया तो यह भी जा रहा है कि जिला के बड़े कांग्रेसी नेता ने इस संबंध में जिला के बड़े अधिकारी को भी फोन के माध्यम से खोखन नाले के आसपास हुए अवैध कब्जों को न हटाए जाने की बात कही है, हालांकि इसकी तस्दीक़ नहीं हो पाई है।

लेकिन चर्चा है कि बड़े कांग्रेसी नेता के इस मामले में कूदने से अवैध कब्जाधारियों के हौसले पूरी तरह से बुलंद है। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि नेता के आशीर्वाद से अवैध कब्जाधारी पूर्व की तरह ही अपने-अपने अवैध कब्जों पर डटे रहेंगे।

उधर, अवैध कब्जाधारियों को उजड़ने से बचाने के लिए कांग्रेस के बड़े नेता द्वारा कूदने के बाद चर्चा यह भी चल पड़ी है कि अगर जिला प्रशासन राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित अवैध कब्जों को नहीं हटता है। तो निश्चित तौर पर जिला प्रशासन आने वाले समय में कहीं भी सरकारी व वन भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटाने में सक्षम साबित नहीं हो पाएगा।

हालांकि हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के सख्त निर्देश है कि किसी भी तरह की सरकारी भूमि पर किए गए तमाम अवैध कब्जों को सख्ती के साथ हटाया जाए। लेकिन कुल्लू जिला में हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन केवल कुल्लू उपमंडल में ही देखने को मिली है।

जबकि बंजार, मनाली, आनी व निरमंड उप मंडलों में हाई कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक अवैध कब्जे हटाने के लिए किसी भी प्रकार की करवाई अमल में नहीं लाई गई है।

फिलहाल अगर भुंतर में वन भूमि पर हुए अवैध कब्जों की बात करें तो चर्चा यह भी है कि संभवत अवैध कब्जे हटाने के लिए शुरू की गई कवायद पूर्व की भांति ठंडे बस्ते में चली जाएगी।

हालांकि एसडीएम विकास शुक्ला का साफ तौर पर कहना है कि वह इस संबंध में कार्रवाई करते हुए नाले के ऊपर व आसपास हुए अवैध कब्जों को सख्ती के साथ हटाएंगे। ताकि आने वाले समय में नाले की वजह से किसी भी प्रकार का नुकसान न हो।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन आने वाले समय में अवैध कब्जे हटाने के लिए कितनी त्वरित कार्रवाई करता है। क्योंकि सबकी नज़रें अब जिला प्रशासन और एसडीएम की तरफ टकटकी लगाए हुए हैं कि वह कब अवैध कब्जे हटाने के लिए कार्रवाई शुरू करते हैं।

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