लगभग एक सौ साल बाद बना देवता का नया देव रथ
पतलीकूहल (कुल्लू), कुलभूषण अवस्थी : कटराईं व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के आराध्य देवता वीरनाथ (गौहरी देऊ) अपने हारियानों संग वशिष्ट तीर्थ स्थल की यात्रा पर रवाना हो गए हैं।
देवता वीरनाथ के कुठियाला राजेंद्र महंत तथा पुजारी रविंद्र गीर ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में देवता के नए रथ का निर्माण किया गया है। उसी के अंतर्गत सर्व शुद्धि हेतु देवरथ को तीर्थ स्नान हेतु ले जाने की परंपरा निभाई जा रही है।
बताया कि देव आज्ञा के पश्चात नए रथ का निर्माण किया गया है। इससे पहले रथ का निर्माण कितने समय पूर्व हुआ था, इस संबंध में कोई पुख़्ता जानकारी नहीं है। लेकिन गांव के बड़े बुजुर्गों के अनुसार इसे लगभग एक सदी से भी अधिक समय बीत चुका है।
देवता की कारदार चन्द्र कला कटोच ने कहा कि देवता दो मार्च को तीर्थ स्नान के उपरान्त हरियानों के साथ वापस अपने देवालय लौटेंगे। तीन मार्च को कटराईं देवालय में ब्रह्म भोज का आयोजन किया जाएगा।