रामपुर (शिमला) : जिला के रामपुर उपमंडल का तहत मुनीश जंगल आधी रात को अचानक बंदूकों की गोलियों से गूंज उठा। लेकिन वन विभाग की वन रक्षक की मुस्तैदी के चलते पुलिस ने तीन शिकारियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गौरतलब है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शिमला जिला के रामपुर क्षेत्र में तीन शिकारियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
जानकारी के मुताबिक आरोपी शिकारी वन्य जीव गोरल का शिकार कर उसे अपनी गाड़ी में ले जा रहे थे। पुलिस ने मौके पर ही वाहन को रोका और तलाशी लेने पर गाड़ी के पिछले हिस्से से एक मृत गोरल और दो बंदूकें बरामद कीं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि रामपुर के देवठी बीट में वनरक्षक उषा देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 25 फरवरी की रात लगभग 12ः45 बजे उन्हें गोपनीय सूचना मिली कि मुनीश जंगल में गोली चलने की आवाज सुनाई दी है।
इसके साथ ही वहां टॉर्च की रोशनी भी देखी गई। शक होने पर उषा देवी ने उन्होंने अपने सहायक वनरक्षक ओमप्रकाश की मदद ली और संदिग्ध गतिविधियों की जांच के लिए मौके पर पहुंचीं।
इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक वाहन तेज़ी से तकलेच की ओर जा रहा था। जिस पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और वाहन का पीछा किया। जब तक वे तकलेच पहुंचे। मगर पुलिस पहले ही अस्पताल के पास एक वाहन को रोक चुकी थी। गाड़ी में तीन लोग सवार थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली तो गाड़ी के पिछले हिस्से में एक मृत गोरल पाया गया। इसके अलावा वाहन की पिछली सीट पर दो बंदूकें भी बरामद हुईं।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान मंजीत सिंह पुत्र रणवीर सिंह निवासी नीरसू, शुभम पुत्र सोहन सिंह, निवासी नोली और कलमजीत पुत्र भगत सिंह, निवासी नीरसू शामिल हैं। पूछताछ में जब पुलिस ने इनसे मृत गोरल और हथियारों के बारे में पूछा, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
उनके पास न तो शिकार की अनुमति थी और न ही हथियारों को रखने के वैध दस्तावेज़ थे। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और वाहन को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।