कुल्लू, करंट न्यूज़ : हिमाचल पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संगठन की बैठक लीला गोपाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश के उपाध्यक्ष एवं मंडी मंडल के प्रधान सुरेश चंद्र वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक की जानकारी देते हुए संगठन के प्रवक्ता दीपक शर्मा ने बताया कि बैठक में पेंशनरों की विभिन्न मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई। बताया कि सभी उपस्थित सदस्यों ने सरकार एवं प्रबंधन द्वारा अभी तक पेंशन प्रदान न करने की कड़ी निदा की।
सरकार और प्रबंधन से मांग की गई कि परिवहन से सेवानिवृत कर्मचारियों को प्रदान की जाने वाली पेंशन का स्थाई समाधान निकला जाए। ताकि सभी कर्मचारियों को महीने की पहली तारीख को ही पेंशन उपलब्ध हो।
बैठक में मांग की गई कि जो कर्मचारी 01-01-2016 से मई 2022 तक सेवानिवृत हुए हैं उन्हें उनके लंबित वितीय लाभ तुरंत जारी किए जाएं। इसके साथ ही सरकार द्वारा घोषित एरियर की दोनों किस्तें भी प्रदान की जाये। यह भी मांग की गई कि जो कर्मचारी अप्रैल 2024 से अभी तक सेवानिवृत हुए हैं, उन्हें तुरंत पेंशन जारी की जाए।
सभी सेवानिवृत कर्मचारियों ने इस बात पर चिंता जाहिर की कि एक ओर तो पेंशन समय पर उपलब्ध नहीं हो रही है। दूसरी ओर मेडिकल बिलाें का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
जबकि निदेशक मंडल की बैठक में परिवहन मंत्री मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए 8 करोड़ रुपए की स्वीकृति देते हैं। उसके उपरांत 12 अक्टूबर 2024 को निगम के 50 वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती समारोह में 9 करोड़ रुपए की स्वीकृति देते हैं।
लेकिन हैरानी की बात है कि इसके बावजूद भी मेडिकल बिलों का भुगतान आज तक नहीं किया गया। यह बहुत ही शर्म की बात है कि सरकार द्वारा घोषणा के बावजूद भी मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
सभी पेंशनरों ने सरकार एवं प्रबंधन से आग्रह किया कि शीघ्र ही मेडिकल बिलाें का भुगतान किया जाए ताकि उपचाराधीन पेंशनरों काे उपचार करवाने में कठिनाई का सामना न करना पड़े।
संगठन के महासचिव गाैरीलाल भारती ने उपमुख्यमंत्री एवं मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह अपनी ही घोषणाओं पर अमल न कर सेवानिवृत कर्मचारियों को भ्रमित करने का कार्य कर रहे हैं।
बैठक में अध्यक्ष सुदन सिंह, उपाध्यक्ष अमर सिंह, वरिष्ठ उप प्रधान टेकचंद, उप प्रधान पुरनचंद, करतार सिंह प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, रतन चंद, जगदीश चंद्र, कानूनी सलाहकार अमरचंद, वरिष्ठ सलाहकार खुशालचंद, लेखाधिकारी ठाकुर दास वैद्य, लेखा परीक्षिक मंगल चंद नेगी, कार्यालय सचिव रूपचंद, संगठन सचिव यशपाल, नागेश्वर दत, हेमराज, नारायण सिंह, गुरदास, राजेंद्र सिंह मियां, ओम प्रकाश, तामेश्वर राम व मुरारी लाल रावत उपस्थित रहे।