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शिमला : अब हिमाचल में गन लाइसेंस की तर्ज पर चेन वुड कटर (लकड़ी काटने की मशीन) का लाइसेंस लेना भी अनिवार्य होगा।

माना जा रहा है कि अवैध वन कटान रोकने के लिए वन विभाग यह व्यवस्था लागू करने जा रहा है। चेन वुड कटर को हार्स पॉवर के आधार पर लाइसेंस जारी किए जाएंगे। छोटी मशीनों को लाइसेंस से छूट मिल सकती है।

हिमाचल प्रदेश में घरेलू लकड़ी काटने के लिए बड़े पैमाने पर चेन वुड कटर का इस्तेमाल हो रहा है। कुछ लोग बड़े चेन वुड कटर का प्रयोग जंगलों में पेड़ काटने के लिए भी कर रहे हैं। चेन वुड कटर की मदद से मिनटों में पेड़ काटे जा रहे हैं।

अवैध कटान से वन संपदा को रहे भारी नुकसान के मद्देनजर चेन वुड कटर प्रयोग करने के लिए लाइसेंस जारी करने का फैसला लिया गया है।

वन विभाग नई व्यवस्था लागू करने के लिए नियमावली तैयार करेगा। बिना लाइसेंस चेन वुड कटर इस्तेमाल करने पर वुड कटर जब्त करने और जुर्माना लगाने का प्रावधान किया जा सकता है।

फ़िलहाल वन विभाग ने प्रारंभिक तौर पर प्रदेश में इस्तेमाल हो रहे चेन वुड कटर की संख्या पता लगाने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है।

विभाग द्वारा पंचायतों को निर्देश जारी किए गए हैं कि उनके क्षेत्र में चेन वुड कटर का प्रयोग करने वाले लोगों को सूचित किया जाए कि वह इसकी सूचना संबंधित डीएफओ को दें। ताकि विभाग को प्रदेश में इस्तेमाल किए जा रहे चेन वुड कटर की संख्या की जानकारी मिल सके।

नियमावली की जाएगी तैयार : पवनेश कुमार

वन विभाग के पीसीसीएफ हॉफ पवनेश कुमार ने बताया कि प्रदेश में अवैध वन कटान रोकने के लिए गन लाइसेंस की तर्ज पर चेन वुड कटर के लिए भी लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था लागू करना प्रस्तावित है। इसके लिए नियमावली तैयार की जाएगी।

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