करंट न्यूज़ ब्यूरो
शिमला/कुल्लू
देर से ही सही लेकिन प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अच्छा फैसला लिया है। अगर यह फैसला धरातल पर सही तरीके से लागू हो जाता है तो निश्चित तौर पर कोरोना से लड़ने में बेहद कारगर साबित होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बढ़ते कोरोना वायरस मामलों को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन सेल ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी तय करते हुए पंचायत स्तरीय कोविड-19 टास्क फोर्स गठित करने का आदेश जारी कर दिया है।
यह होंगे टॉस्क फोर्स में शामिल
इसके साथ ही टास्क फोर्स की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। ग्राम पंचायत प्रधान की अध्यक्षता वाली इन टास्क फोर्स में सभी वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव, पटवारी, क्षेत्र में रहने वाले शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्थानीय पीएचसी के स्वास्थ्य अधिकारी, आयुर्वेद विभाग के कर्मचारी, सेल्फ हेल्प ग्रुप, आशा वर्कर और युवक मंडल व महिला मंडल आदि के प्रतिनिधि सदस्य होंगे। टास्क फोर्स पंचायत के और लोगों को जरूरी मदद लेने के लिए साथ जोड़ सकती है।
इसकी जिम्मेदारी इनफ्लुएंजा, सांस लेने की परेशानी वाले लोगों की पड़ताल कर उन्हें कोविड-19 टेस्ट कराने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। इसके अलावा रैपिड एंटीजन टेस्ट के दौरान निगेटिव आने वाले लक्षणों वाले मरीजों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराना, रिपोर्ट आने तक उन्हें आइसोलेट रखना होगा।
इसके साथ पॉजिटिव केस की जानकारी तत्काल स्वास्थ्य व राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ साझा करना, होम आइसोलेट गंभीर मरीज को तत्काल उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर करने के लिए भी स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क साधना होगा। टास्क फोर्स के जिम्मे ऐसे बिना लक्षण वाले लोगों को क्वारंटाइन सुनिश्चित करना होगा जो काफी कोविड-19 केस वाले इलाकों से हिमाचल लौटे हो।
कुछ समय के लिए उपलबध कराने होंगे ऑक्सीमीटर
कोरोना संक्रमित परिवारों को आशा व आंगनबाड़ी वर्कर ग्राम स्तरीय स्वयंसेवकों की मदद से कुछ समय के लिए ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर उपलब्ध कराने के लिए टास्क फोर्स एक सिस्टम तैयार करेगी।
हर बार किसी पॉजिटिव मरीज को ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर उपलब्ध कराने से पहले उसे अच्छे से सैनिटाइज करना आवश्यक होगा। एसडीएम व बीडीओ के साथ मिलकर ऐसे लोगों के लिए कम्युनिटी स्तर पर आइसोलेशन फैसिलिटी तैयार की जाएगी। जिन्हें किन्ही कारणों घरों में आइसोलेट होने में कठिनाई हो।
इसके अलावा आम लोगों में मास्क पहनने, सामाजिक दूरी, हैंड सैनिटाइजर, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध व शादियों व अंतिम संस्कार में निर्धारित भीड़ से संबंधित आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना भी टास्क फोर्स के जिम्मे होगा।
टास्क फोर्स ऐसे स्वयंसेवकों की टीमों को गठित करेगी जो होम आइसोलेट परिवारों के लिए रोजमर्रा के सामान की सप्लाई व उनके पशुओं की भी देखभाल करेंगे।
किसके जिम्में होगी क्या जिम्मेदारी
एक्टिव सर्विलांस– आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आयुर्वेद कर्मी, युवक मंडल, महिला मंडल, सेल्फ हेल्प ग्रुप व नेहरू युवक मंडल आदि के प्रतिनिधि
सिंप्टोमेटिक मरीजों की टेस्टिंग– मेडिकल अफसर, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी
काउंसलिंग– पंचायत में रहने वाले शिक्षक
होम आइसोलेट लोगों की निगरानी – वार्ड सदस्य, एएनएम, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर
जारी निर्देश का पालन कराना – पंचायत प्रधान, पंचायत सचिव अथवा सहायक, पटवारी, वार्ड सदस्य
बीडीओ करेंगे टास्क फोर्स की निगरानी
टास्क फोर्स के कामकाज की निगरानी बीडीओ करेंगे और उनके ऊपर हर उपमंडल के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि टास्क फोर्स जारी किए गए आदेशों के अनुसार काम करें।
इसके लिए वह हर दिन इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी, गंभीर सांस लेने की परेशानी वाले मामलों की स्क्रीनिंग व उनके टेस्ट का प्रतिशत, प्रतिदिन कितने होम आइसोलेट लोगों की निगरानी की गई।
होम आइसोलेट परिवारों का प्रतिशत देखेंगे जिन्हें सोशल सपोर्ट मुहैया कराया गया। इन बिंदुओं पर हर पंचायत स्तरीय टास्क फोर्स का आंकलन किया जाएगा और अच्छा काम करने वाली टास्क फोर्स को जिला व राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा