नवी मुंबई, करंट न्यूज़ : देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट एवं समस्त उत्तराखंड समाज द्वारा ऐरोली नवी मुंबई में आयोजित होली मिलन समारोह 2026 अत्यंत हर्षोल्लास, अनुशासन एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं एवं वरिष्ठजनों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।

जानकारी देते हुए दिवानसिंह रामसिंह सौंन ने बताया कि समारोह का मुख्य आकर्षण पारंपरिक उत्तराखंडी खड़ी होली रही, जिसे महिला एवं पुरुषों द्वारा मधुर स्वरों में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही झोड़ा, चांचरी एवं झुमैलो लोकगीतों और लोकनृत्यों ने उपस्थित जनसमूह को पहाड़ी संस्कृति की जीवंत अनुभूति कराई।

बताया कि फूलों एवं रंगों की मर्यादित होली ने वातावरण को प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे के रंगों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम पूर्णतः नशामुक्त एवं पारिवारिक वातावरण में आयोजित किया गया, जहाँ महिलाओं एवं बुजुर्गों का विशेष सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में युवाओं ने पहाड़ी गीतों पर उत्साहपूर्वक सहभागिता की। वहीं देवभूमि कैटर्स (DEVBHOOMI CATERS) द्वारा प्रेम, सेवा भावना और पारंपरिक स्वाद के साथ तैयार किए गए शुद्ध शाकाहारी पहाड़ी व्यंजनों ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। स्वाद, स्वच्छता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखते हुए तैयार किए गए व्यंजनों की सभी अतिथियों ने भरपूर सराहना की।

उन्होंने बताया कि देवभूमि कैटर्स की टीम ने सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट व्यवस्थापन कर यह सिद्ध किया कि समर्पण और ईमानदारी ही सफलता की वास्तविक पहचान है।
आयोजन की सफलता के पीछे देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट की समर्पित टीम की कड़ी मेहनत, ईमानदारी एवं समाज के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस अवसर पर ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं पदाधिकारी
दिवानसिंह रामसिंह सौंन, दीपा दिवानसिंह सौंन, दिलवरसिंह रावत, सुरेश उपाध्याय, मोहनसिंह गौबाडी, बिक्रमसिंह रामसिंह सौंन, पूरन चंद्र पांडे, पूरनसिंह सौंन, फकीरसिंह बिष्ट तथा पंडित पुनित रतूड़ी एवं आचार्य टीम खास तौर पर उपस्थित रही।

इनके अलावा मोहनसिंह कठायत, विष्णुदत्त जोशी, हीरा बल्लभ जोशी, संतोष दा, वीरेंद्रसिंह रावत, पानसिंह बोरा, कृष्णा धपोला, बी.एस. नेगी, भूपेंद्र चंद ठाकुर, संदीप भारद्वाज, प्रेमसिंह रावत एवं समस्त समाज के महत्वपूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन से यह आयोजन अत्यंत सफल रहा।

अंत में ट्रस्ट परिवार ने सभी समाजबंधुओं, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।

उल्लेखनीय है कि यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि संस्कृति, एकता और सामाजिक समर्पण का जीवंत उदाहरण बनकर समाज के लिए प्रेरणा बना।