करंट न्यूज ब्यूरो
धर्मशाला
भारत में निर्वासित तिब्बत सरकार (केंद्रीय तिब्बती प्रशासन) के नए राष्ट्रपति की घोषणा कर दी गई है। पेंपा सेरिंग निर्वासित तिब्बत सरकार के नए राष्ट्रपति चुने गए हैं। निर्वासित तिब्बत सरकार के चुनाव आयोग द्वारा इसकी पुष्टि की गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने दी जानकारी
निर्वासित तिब्बत सरकार के मुख्य चुनाव आयुक्त वांगड़ु सेरिंग ने इस बात की जानकारी दी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चुनाव परिणाम की घोषणा की गई है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पद के लिए पेंपा सेरिंग व केलसंग दोरजे के बीच मुकाबला हुआ था।
दो चरणों में हुआ था मतदान
इस चुनाव के लिये मतदान दो चरणों में हुआ था। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि पेंपा सेरिंग को 343324 मत पड़े, जबकि केलसंग दोरजे को 28907 वोट मिले। मुख्य निर्वाचन आयुक्त वांगड़ू सेरिंग ने निर्वासित तिब्बती संसद के 45 सदस्यों और सिक्योंग (राष्ट्रपति) का परिणाम ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेस के माध्यम से घोषित किया।
बताया कि 3 जनवरी को तिब्बतियों ने निर्वासित तिब्बत सरकार के पीएम पद समेत 45 सदस्यीय निर्वासित संसद के उम्मीदवारों के लिए पहले चरण का मतदान किया था। दूसरे और आखिरी चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को हुई थी।
पहले चरण में मतदान के दौरान चार चेहरे मैदान में थे, लेकिन कम मत मिलने के कारण इनमें से दो लोग बाहर हो गए। दूसरे चरण में मुख्य मुकाबला पेंपा सेरिंग व केलसंग दोरजे के बीच रहा। पहले चरण में पेंपा सेरिंग को 24488 जबकि केलसंग दोरजे को 14544 मत मिले थे।
पेंपा सेरिंग ने जीत हासिल की
दूसरे दौर का मतदान पूरा होने व चुनाव परिणाम के बाद पेंपा सेरिंग ने जीत हासिल की है। मतदान में भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, आस्ट्रिया, बेलज्यिम, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, स्वीडन, स्पेन, स्विट्जरलैंड, यूके, जापान, नेपाल, अमेरिका, रूस व ताइवान में रहने वाले तिब्बतियों ने भाग लिया था।
पेंपा सेरिंग का जीवन परिचय
पेंपा सेरिंग निर्वासित तिब्बत संसद में दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं। पेंपा सेरिंग अमेरिका में बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के प्रतिनिधि पद पर भी तैनात रह चुके हैं। पेंपा सेरिंग निर्वासित तिब्बत सरकार के स्पीकर भी रह चुके हैं।