शिमला, करंट न्यूज़: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से हिमाचल स्काउट्स की समर्पित बटालियन गठित करने का आग्रह किया है। लद्दाख स्काउट्स, सिक्किम स्काउट्स और अरुणाचल स्काउट्स की तर्ज पर ये बटालियन बनाई जाए।
किन्नौर-लाहुल के युवाओं को मिलेगा मौका, LAC पर मजबूत होगी घेराबंदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बटालियन के गठन से प्रदेश के युवाओं, विशेषकर किन्नौर और लाहुल-स्पीति जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को सेना में भर्ती के लिए विशेष अवसर मिलेंगे। इन क्षेत्रों के युवा ऊंचाई वाले दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और कठिन जलवायु परिस्थितियों से भली-भांति परिचित होते हैं।
इस प्रकार की विशेष बटालियन के गठन से भारत की चीन-भारत सीमा, विशेषकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर रक्षा तैयारियों को और मजबूती मिलेगी। साथ ही दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में सैन्य अभियानों की क्षमता भी बढ़ेगी।
देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है हिमाचल
श्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के एक लाख से अधिक युवा सशस्त्र बलों में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि लगभग इतनी ही संख्या में पूर्व सैनिक भी देश की रक्षा और सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं।
चार परमवीर चक्रों का गौरव
प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते थे। प्रदेश के वीर सैनिकों ने अपने शौर्य, समर्पण और बलिदान से देश का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर सैनिकों ने राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने से कभी पीछे कदम नहीं खींचे। हिमाचल प्रदेश की वीरभूमि ने चार परमवीर चक्र विजेता दिए हैं, जो प्रदेश की साहस और वीरता की समृद्ध विरासत, देशभक्ति और बलिदान की गौरवशाली परंपरा का प्रमाण है।