कुल्लू/शिमला | करंट न्यूज़: टेट प्रभावित शिक्षक मोर्चा हिमाचल प्रदेश की एक महत्वपूर्ण बैठक *प्रदेश अध्यक्ष नरेश ठाकुर* की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 100 टेट प्रभावित अध्यापकों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन का विस्तार, आगामी आंदोलन की रणनीति और शिक्षकों की मांगों को लेकर एकजुटता को मजबूत करना रहा।
*प्रदेश स्तर पर नई नियुक्तियां*
बैठक में सर्वसम्मति से संगठन का विस्तार किया गया। *हितेंद्र साहसी (कुल्लू)* को *प्रदेश महासचिव*, *हरमेश लाल* को *वरिष्ठ उपाध्यक्ष* और *प्रिया ठाकुर* को *प्रदेश उपाध्यक्ष* मनोनीत किया गया।
*जिला स्तर पर गठित हुई नई कार्यकारिणी*
जिला स्तर पर भी नई नियुक्तियां की गईं।
*मंडी*: कश्मीर ठाकुर – जिला अध्यक्ष व सुशील मंडोतरा – जिला महासचिव।
*कुल्लू*: किशोर ठाकुर – जिला अध्यक्ष।
*चंबा*: अशोक शर्मा – जिला अध्यक्ष।
*लाहौल-स्पीति*: रमेश कुमार – जिला अध्यक्ष।
*किन्नौर*: राजेंद्र नेगी – जिला अध्यक्ष व राज कुमार नेगी – जिला महासचिव।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन का आभार जताते हुए कहा कि वे टेट प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
*आंदोलन और जनजागरण अभियान का ऐलान*
संगठन ने टेट से जुड़े तथाकथित *“काला कानून”* के विरोध में पूरे प्रदेश में व्यापक जनजागरण अभियान और चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया।
साथ ही अगले महीने दिल्ली में होने वाले धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन में हिमाचल से बड़ी संख्या में शिक्षकों के भाग लेने की घोषणा की गई।
*“शिक्षकों के सम्मान से कोई समझौता नहीं”*
*प्रदेश अध्यक्ष नरेश ठाकुर* ने कहा कि टेट प्रभावित शिक्षकों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा और सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय की मांग करेगा।
*प्रदेश महासचिव हितेंद्र साहसी* ने कहा कि यह केवल नौकरी का नहीं बल्कि शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और भविष्य का प्रश्न है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी शिक्षक एकजुट होकर इस लड़ाई को सफल बनाएंगे।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने, प्रत्येक जिले में सदस्यता अभियान चलाने और आगामी आंदोलनों को सफल बनाने का संकल्प लिया।