केलंग, करंट न्यूज़: लाहुल-स्पीति में मानसून ने दिखाया रौद्र रूप। जिस्पा क्षेत्र में *बादल फटने की भीषण घटना* के बाद पूरे इलाके में तबाही मच गई है। तेज जलप्रवाह के साथ आए मलबे, चट्टानों और पत्थरों ने मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3) और मनाली-जांस्कर मार्ग को पूरी तरह निगल लिया है। दोनों प्रमुख मार्ग बंद होने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है और सैकड़ों वाहन रास्तों में फंस गए हैं।
*‘सड़क में मलबा’: जिस्पा में मची अफरा-तफरी*
जानकारी के मुताबिक, बादल फटने के बाद पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा और विशाल चट्टानें सड़कों पर आ गिरीं। देखते ही देखते NH-3 पर मलबे का समंदर फैल गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने लेह पुलिस से समन्वय कर केलंग में ही बैरिकेडिंग कर दी है। फिलहाल केलंग से आगे किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं है।
*‘ BRO और पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन*
सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें युद्धस्तर पर सड़क बहाली में जुट गई हैं। JCB और भारी मशीनों से मलबा हटाने का काम जारी है। वहीं पुलिस प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाकर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी है।
*जिला प्रशासन की पर्यटकों, स्थानीय लोगों व यात्रियों से अपील*
“सड़कें पूरी तरह बहाल होने तक मनाली-लेह और मनाली-जांस्कर मार्ग पर यात्रा न करें।”
“अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम बेहद खतरनाक है।”
“अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।”
*आपातकाल में यहां करें संपर्क*
किसी भी आपातकालीन स्थिति या सहायता के लिए *आपातकालीन नंबर 112* पर तत्काल संपर्क करें।
*‘पहाड़ फिर चेता रहे हैं’: बढ़ता प्राकृतिक खतरा*
लगातार बदलते मौसम के बीच यह घटना एक बार फिर हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बढ़ते प्राकृतिक आपदाओं के खतरे की घंटी है। बादल फटना, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन अब आम होता जा रहा है।
प्रशासन हालात पर 24×7 नजर बनाए हुए है। BRO का कहना है कि मौसम साफ रहने पर सड़क बहाली में 24 से 48 घंटे लग सकते हैं, लेकिन बारिश जारी रही तो समय बढ़ सकता है।
*सावधान:* पहाड़ों में मानसून का मतलब सिर्फ बारिश नहीं, *जिंदगी और मौत का फासला* भी है। *प्रशासन का सहयोग करें, सुरक्षित रहें।*