शिमला/केलांग, करंट न्यूज़ : हिमाचल प्रदेश सरकार ने लाहुल-स्पीति जिले के केलांग उपमंडल और चंबा जिले के पांगी उपमंडल की पंचायती राज संस्थाओं को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। पंचायती राज विभाग ने 24 जून 2026 को दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर यह आदेश दिए।
ये संस्थाएं हुईं भंग
राज्यपाल के आदेश पर जिन संस्थाओं को भंग किया गया है उनमें ये शामिल हैं।
- केलांग उपमंडल, लाहुल-स्पीति की सभी ग्राम पंचायतें।
- पांगी उपमंडल, चंबा की सभी ग्राम पंचायतें।
- केलांग और पांगी उपमंडल की सभी पंचायत समितियां।
- जिला परिषद लाहौल-स्पीति।
भंग करने की वजह : दो-दो पंचायतों का टकराव
अधिसूचना के मुताबिक इन क्षेत्रों की मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल 17 अक्टूबर 2026 को पूरा होना था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य में मई 2026 में पंचायत चुनाव करवाए गए और इन क्षेत्रों में भी नए निकाय चुन लिए गए।
इससे एक ही क्षेत्र में दो-दो निर्वाचित निकाय अस्तित्व में आ गए थे। संविधान के अनुच्छेद 243E और पंचायती राज अधिनियम की धारा 120(4) के तहत शासन में एकरूपता और प्रशासनिक सुविधा के लिए पुरानी पंचायतों को कार्यकाल से पहले भंग करना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुए थे चुनाव
गौरतलब है कि हिमाचल हाईकोर्ट ने CWPIL No. 115/2025 में 30 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने को कहा था। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो SLP(C) No. 5451/2026 में कोर्ट ने 31 मई 2026 तक पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव कराने के निर्देश दिए।
अनुपालना में 26, 28 और 30 मई को प्रदेशभर में चुनाव हुए। सिर्फ कुल्लू जिले की 4 पंचायतें – जाबन, नामहोग, करजां और सोयल इनसे बाहर रखी गईं।
अब 27 जून को शपथ, पहले 18 अक्टूबर थी तारीख
विभाग ने एक अन्य संशोधित अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि केलांग और पांगी की नवनिर्वाचित पंचायतों की पहली बैठक अब 18 अक्टूबर 2026 की बजाय 27 जून 2026 को होगी। इसी दिन नवनिर्वाचित प्रधानों और सदस्यों को पंचायती राज नियम 1997 के नियम-22 के तहत शपथ दिलाई जाएगी।
पृष्ठभूमि: आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू होने के कारण प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाए थे। इससे मौजूदा निकायों का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त होने के बावजूद नई व्यवस्था नहीं बन पाई थी। अब कानूनी अड़चनें दूर कर सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में भी नई पंचायतों को कार्यभार सौंपने का रास्ता साफ कर दिया है।