कुल्लू, करंट न्यूज़ : जिला के बंजार विधानसभा क्षेत्र के तहत सैंज घाटी में जिला परिषद के धाऊगी वार्ड में इस बार चुनावी समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं। हालांकि पूर्व में यहां से भाजपा के वरिष्ठ नेता महेश्वर सिंह की बहू विभा सिंह पार्षद रही है। लेकिन 5 साल के वह यहां के विकास में कुछ ठोस नहीं कर पाई। तो उन्होंने मैदान छोड़ दिया।
अबकी बार सैंज घाटी से संबंध रखने वाले वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश ठाकुर ने धाऊगी वार्ड से चुनावी हुंकार भरी है। उनको वार्ड के हर कोने से जनता का अभूतपूर्व जनसमर्थन मिल रहा है।
छात्र राजनीति से लेकर एक समर्पित जनसेवक तक का सफर तय करने वाले ओमप्रकाश ठाकुर अपने शालीन और सौम्य स्वभाव के कारण जनता के बीच पहली पसंद बनकर उभरे हैं। भाजपा द्वारा उन्हें समर्थन न देने पर ओमप्रकाश ठाकुर ‘आजाद’ प्रत्याशी के तौर पर चुनावी रण में उतर गए हैं।
उल्लेखनीय है कि लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में गहरी पकड़ होने के बावजूद इस बार भाजपा द्वारा जिला परिषद चुनाव में दरकिनार कर दिया गया। लेकिन सौम्य स्वभाव के धनी ओमप्रकाश ठाकुर ने भी हार नहीं मानी। हालांकि उनको पूर्ण विश्वास था कि बंजार भाजपा उन्हें अपना समर्थित उम्मीदवार घोषित कर चुनावी मैदान में उतारेगी।
लेकिन ऐसा न होने पर उन्होंने पूरे दमखम के साथ बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी जंग में उतरने का फैसला किया। धाऊगी वार्ड की जनता ने भी अपने इस संघर्षशील नेता को सिर-आंखों पर बिठा लिया है।
मजबूत चुनावी रणनीति से विरोधियों को पछाड़ा
शुरुआती दिनों में भाजपा ने ओमप्रकाश ठाकुर की उम्मीदवारी को हल्के में लिया था, लेकिन उनकी सुव्यवस्थित चुनावी रणनीति और आम जनता के बीच गहरी पैठ ने पासा पलट दिया। आज वह अपने बाकी प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे निकल चुके हैं।
क्षेत्रीय सीमाओं को लांघते हुए 21 पंचायतों वाले इस विशाल वार्ड में उन्हें हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है। लंबे समय से जनता के बीच रहकर सुख-दुख में साथ निभाने का लाभ आज ओमप्रकाश को स्पष्ट रूप से मिलता दिख रहा है।
”ओमप्रकाश ठाकुर जिन मुद्दों और उज्ज्वल भविष्य की ऊर्जा को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं, उसका सीधा और सकारात्मक असर जमीन पर साफ देखा जा सकता है।”
छात्र राजनीति से प्रदेश भाजपा कार्यसमिति तक शानदार सफर
ओमप्रकाश ठाकुर का राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रेरणादायी रहा है। पंचायतीराज संस्थाओं में भी उनका गहरा प्रभाव रहा है। उनके राजनीतिक सफर अनेक पड़ाव से गुजरा है। जिसमें तप कर वह एक जनप्रिय नेता बने हैं।
छात्र राजनीति की शुरुआत: छात्र जीवन में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
पंचायतीराज में धाक: कॉलेज की पढ़ाई के साथ ही उन्होंने धाऊगी पंचायत के उप-प्रधान का चुनाव बड़े अंतर से जीता था।
भाजपा में संगठनात्मक अनुभव: वह दो बार बंजार भाजपा के अध्यक्ष, जिला भाजपा के सचिव, जिला भाजपा के उपाध्यक्ष और प्रदेश भाजपा कार्यसमिति के सदस्य रह चुके हैं।
सामाजिक जुड़ाव: वह प्रौद्योगिक संस्था सैंज के अध्यक्ष सहित दर्जनों गैर-राजनीतिक संस्थाओं के पदाधिकारी भी रहे हैं।
एक सफल व्यवसायी और कुशल नेतृत्व
धाऊगी पंचायत के रुआड गांव के निवासी ओमप्रकाश ठाकुर जहां एक तरफ बेहद सफल व्यवसायी हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके पास एक कुशल और परिपक्व राजनीतिक नेतृत्व क्षमता भी है। अनुभवों से परिपूर्ण यह राजनेता इस बार जिला परिषद के चुनाव में अपने प्रतिद्वंदियों पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है।
21 पंचायतों की जनता का यह झुकाव इस बात का साफ संकेत है कि धाऊगी वार्ड में इस बार “ओम” का “प्रकाश” चारों ओर फैलने के लिए तैयार है।