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शिमला : आर्थिक चुनौतियों के बीच हिमाचल सरकार ने राजस्व बढ़ाने की दिशा में एक अहम और व्यावहारिक कदम उठाया है। पहाड़ी राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार ने शराब के ठेकों की नीलामी और अन्य करों से अगले वित्त वर्ष में करीब 2900 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

खास बात यह है कि इस बड़े राजस्व लक्ष्य के बावजूद आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सरकार ने प्रदेश में शराब की कीमतों में किसी प्रकार की भारी बढ़ोतरी नहीं किए जाने के भी संकेत दिए हैं।

हिमाचल जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में हर साल लाखों की संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। सरकार ने इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए एक नई व्यवस्था लागू की है, जिससे राज्य के भीतर होने वाली शराब की बिक्री से भी राजस्व बढ़ सके। इन नियमों के तहत अब दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटक अपने साथ बाहर से खरीदी गई शराब नहीं ला सकेंगे।

यदि वे राज्य में शराब रखना चाहते हैं, तो उन्हें हिमाचल में ही खरीदी गई शराब की बोतलें साथ रखनी होंगी, जिन पर स्पष्ट रूप से ‘For Sale in Himachal Pradesh Only’ अंकित होगा।

स्टेट टैक्स एंड एक्साइज कमिश्नर डॉ. युनूस का कहना है कि ‘इस बार शराब के ठेकों की नीलामी सहित अन्य आबकारी से 2900 करोड़ के राजस्व प्राप्त का लक्ष्य तय किया है। उनका कहना है कि पिछली बार की तुलना में राजस्व प्राप्ति का ये अधिक टारगेट निर्धारित किया गया है।’

शराब रखने की न्यूनतम सीमा

राज्य सरकार ने इसके साथ एक संतुलित सीमा भी निर्धारित की है। नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति हिमाचल में एक समय में अधिकतम छह बोतल शराब ही अपने पास रख सकता है, लेकिन ये बोतलें प्रदेश में ही खरीदी गई होनी चाहिए।

इस व्यवस्था का उद्देश्य राजस्व को मजबूत करना है और अवैध शराब के प्रवाह पर भी नियंत्रण स्थापित करना है। सरकार का मानना है कि इस नीति से एक ओर जहां शराब ठेकों की नीलामी से अधिक आय होगी, वहीं दूसरी ओर पर्यटकों के माध्यम से भी राज्य की अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

शराब के ठेकों सहित अन्य करों से कब कितनी कमाई

हिमाचल में सत्ता परिवर्तन के बाद ही सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेतृत्व में बनी सरकार ने शराब के ठेकों की नीलामी का निर्णय लिया, ताकि हिमाचल के राजस्व में हर साल शराब की नीलामी से बढ़ौतरी हो सके। ऐसे में शराब के ठेकों के लिए कि गई नीलामी और अन्य कर से वर्ष 2022-23 में सरकार को 2,147.04 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति हुई।

इसी तरह से वर्ष 2023-24 में शराब ठेकों की नीलामी और अन्य आबकारी से यही राजस्व बढ़कर 2,631.30 करोड़ रुपये को गया। वर्ष 2024-25 में शराब ठेकों के आवंटन को की गई नीलामी और अन्य करों से सरकार को 2,776.41 करोड़ रुपए राजस्व की प्राप्ति हुई। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 के लिए शराब के ठेकों की नीलामी से अन्य करों से 2900 करोड़ राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है।

किस जिला में कितने शराब ठेके

हिमाचल में शराब के ठेकों की कुल संख्या 2125 हैं। इसमें शिमला में 209, सोलन में 125, बीबीएन बद्दी में 133, सिरमौर में 83, किन्नौर में 23, बिलासपुर में 149, हमीरपुर में 151, मंडी में 360, कुल्लू में 136, लाहौल स्पीति में 19, कांगड़ा में 348, नूरपुर में 115, ऊना में 137 और चंबा में शराब के ठेकों की संख्या 137 है।

रिपोर्ट : ईटीवी भारत से साभार।

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