नई दिल्ली, एजेंसी : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा राज्य सरकार के फैसलों में बार-बार दखल देने पर कड़ी नाराज़गी जताई। कहा कि ऐसा लगता है कि हाई कोर्ट चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दे रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि वह भविष्य में इस तरह के दखल को गंभीरता से लेगा। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को साफ-साफ शब्दों में कहा है कि चुनी हुई सरकार को काम करने दीजिए।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट राज्य सरकार के फैसलों में बार-बार दखल दे रहा था। इससे सुप्रीम कोर्ट नाराज हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि हाईकोर्ट चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दे रहा।

जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को सरकार के कामों में दखल पर चेतावनी दी और कहा कि वह भविष्य में इस तरह के दखल को गंभीरता से लेगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के टिप्पणी मौखिक थी, किसी आदेश का हिस्सा नहीं. यह टिप्पणी सीजेआी सूर्यकांत की बेंच की तरफ से गई।

सीजेआई सूर्यकांत ने आदेश में क्या कहा?
सीजेजाई सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने अपने ऑर्डर में कहा, ‘हाईकोर्ट का यह निर्देश कि लोकल बॉडीज़ के चुनाव उनके समय खत्म होने के बाद संवैधानिक आदेश के अनुसार होने चाहिए, इसमें किसी दखल की ज़रूरत नहीं है।

हालांकि, लॉजिस्टिक मुश्किलों को देखते हुए हम टाइम शेड्यूल में बदलाव करते हैं और निर्देश देते हैं कि सभी तैयारी का काम 28 फरवरी के बजाय 31 मार्च से पहले पूरा कर लिया जाए. इसके बाद आठ हफ्ते के अंदर यानी पक्का 31 मई से पहले चुनाव करवा लिए जाएंगे. समय बढ़ाने की कोई अर्ज़ी नहीं मानी जाएगी।