केलंग, करंट न्यूज़ : लाहुल स्पीति की उपायुक्त किरण भड़ाना ने जानकारी देते हुए बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ( MOP&NG ), भारत सरकार के निर्देशानुसार लाहुल-स्पीति जिला में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ( PMUY ) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला उज्ज्वला समिति (District Ujjwala Committee) का गठन कर लिया गया हैै।
इस संदर्भ में वीरवार को उपायुक्त कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें जिला खाद्य नियंत्रक अखिल सिंह ठाकुर, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के जिला नोडल अधिकारी अमित टंडन उपस्थित थे। यह समिति उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित की गई है, जो उज्जवला 3.0 योजना के सभी कार्यों की निगरानी करेगी।
उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य जिला की गरीब परिवारों की महिला सदस्यों को निःशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना है। ताकि महिलाओं को स्वच्छ ईंधन से खाना बनाने की सुविधा मिल सके और उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रहे व महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा सके।
किरण भड़ाना ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना वर्ष सर्वप्रथम 2017 में हिमाचल प्रदेश में प्रारंभ की गई थी। अब इस योजना का नया चरण “उज्जवला 3.0” केन्द्र सरकार द्वारा प्रारम्भ किया गया है। ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को दिया जा सके।
उज्ज्वला 3.0 के अंतर्गत पात्रता एवं लाभ
उपायुक्त ने बताया कि जिला की गरीब परिवारों की वयस्क महिला सदस्य इस योजना के अंतर्गत स्वयं सत्यापित घोषणा पत्र प्रस्तुत कर आवेदन कर सकती हैं। पात्र लाभार्थियों को 2,050 मूल्य रूपये का निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन प्रदान किया जाएगा, जिसमें गैस सिलेंडर की सुरक्षा जमा राशि, प्रेशर रेगुलेटर की सुरक्षा जमा राशि,1.2 मीटर सुरक्षा होज़, डीजीसीसी पुस्तिका, निरीक्षण, स्थापना, प्रदर्शन एवं दस्तावेजीकरण शुल्क शामिल हैं।
किरण भड़ाना ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत अब गृह निरीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। ताकि सही पात्र लाभार्थियों को वास्तविक रूप से गैस कनेक्शन उपलब्ध हो सके।
बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज़ों में पूर्ण रूप से भरा हुआ केवाईसी फॉर्म व पहचान प्रमाण पत्र, पते का प्रमाण पत्र, परिवार की संरचना प्रमाणित करने हेतु राशन कार्ड, आवेदक एवं सभी वयस्क परिवार सदस्यों के आधार कार्ड, सब्सिडी प्राप्ति हेतु बैंक खाता विवरण आदि आवेदन के साथ प्रस्तुत करने होंगें।
पात्रता की शर्तें
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत वही परिवार पात्र होंगे जिनके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर पहले से एलपीजी कनेक्शन दर्ज न हो। परिवार की संरचना की पुष्टि राशन कार्ड इत्यादि दस्तावेज़ों के आधार पर की जाएगी।
उन्होंने बताया कि ऐसे परिवार जिनके परिवार का कोई सदस्य 10 हजार रूपये प्रति माह से अधिक आय वाला हो, परिवार द्वारा प्रोफेशनल टैक्स या आयकर का भुगतान किया जा रहा हो, परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो, परिवार के नाम गैर-कृषि उद्यम सरकारी पंजीकृत हों, जिन परिवारों का किसान क्रेडिट कार्ड 75 हजार रूपये से अधिक सीमा वाला हो या जिनके पास 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि एवं सिंचाई उपकरण हो, दो फसल सीजन हेतु 5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि हो, 7.5 एकड़ या अधिक भूमि के साथ एक सिंचाई उपकरण हो, 30 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल का निजी मकान (सरकारी योजना से अलग) हो, मोटर चालित 3/4 पहिया वाहन या मछली पकड़ने वाली नाव हो, यांत्रिक कृषि उपकरण (3/4 पहिया) स्वामित्व में हो या पहले से एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध हो ऐसे किसी भी परिवार को इस योजना के तहत निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन के लिए अयोग्य माना जाएगा।
उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया के तहत इच्छुक पात्र महिलाएं वेबसाइट्सः www.pmuy.gov.in, www.cx.indianoil.in, www.my.ebharatgas.com, www.myhpgas.in या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, नामांकन शिविर, हेल्प डेस्क व अपने क्षेत्र में संबंधित सरकारी तेल विपणन कंपनियों के एलपीजी वितरक कार्यालय में अपने आवेदन निम्न माध्यमों से प्रस्तुत कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि योजना की निगरानी एवं सत्यापन जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला उज्ज्वला समिति करेगी और लाभार्थियों की पात्रता एवं भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया की देखरेख भी करेगी, ताकि योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 से गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ रसोई ईंधन की सुविधा प्राप्त होगी जिससे स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं सामाजिक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने जिला की महिलाओं से आग्रह किया है कि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठाएं।