बंजार (कुल्लू), पीआर भारती : जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार में इस बार हुई भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाके के लोगों को भारी नुकसान हुआ है। इस दुख की घड़ी में आपदा प्रभावितों को सहायता देने के लिए कई स्वयंसेवी संगठन वह अन्य समाजसेवी लोग आगे आ रहे हैं। असल में प्रभावित लोगों तक सही प्रकार से राहत सामग्री पहुंचे इसके लिए पारदर्शिता अपनाई जा रही है।
तीर्थन घाटी गुशैनी में पिछले दिनों शिमला के नामी समाजसेवी सरदार सरबजीत सिंह बॉबी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। इस दौरान वह आपदा प्रभावित लोगों से भी मिले थे और उन्हें हर यथा संभव सहायता देने का आश्वासन दिया था। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को फार्म भरने के पश्चात् प्रति परिवार 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी वादा किया है।

सोमवार को समाजसेवी सरदार सरबजीत सिंह बॉबी की संस्था अल्मोयट्टी ब्लेसिंग व हिम समाज सेवा संस्था नेरचौक के सहयोग से तीर्थन घाटी के गुशैनी में राहत सामग्री से भरा एक वाहन पहुंचा। जिसे यहाँ के आपदा प्रभावित परिवारों को वितरित किया गया।
संस्था की ओर से राशन की करीब 100 किट, जिसमें दाल, चावल आटा, नमक तथा कुछ में बर्तन व कपडे थे। गुशैनी में यह राहत सामग्री यहाँ की स्थानीय ग्राम पंचायत पेखड़ी, नोहांडा और शर्ची के करीब 100 प्रभावित परिवारों को प्रदान की गई।
इसके अलावा सरबजीत सिंह बॉबी ने गुशैनी स्कूल भवन के पुनर्निर्माण के लिए 50 हज़ार रुपये और बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अलग से आर्थिक सहयोग भी दिया। इनकी इस पहल से स्थानीय लोगों को काफी राहत पहुंची है।
स्थानीय ग्राम पंचायत पेखड़ी के समाजसेवी महेशू ठाकुर, ग्राम पंचायत नोहांडा की समाजसेवीका भीमा देवी, ग्राम पंचायत शर्ची से चंदे राम, राजदेव, हेमराज, घाँथू राम, भीमा देवी, धर्मचंद, तारा देवी, पदम सिंह, तापेराम, उदय शर्मा और सुरेंद्र ठाकुर आदि लोगों ने सरदार सरबजीत सिंह बॉबी व उनकी टीम का आपदा की इस घड़ी में राहत पहुँचाने के लिए आभार जताया है।
कौन हैं, सरबजीत सिंह बॉबी?
हिमाचल प्रदेश के शिमला निवासी सरबजीत सिंह “बॉबी” उर्फ़ “बॉबी वेला” एक जाने-माने समाजसेवी हैं। पाँचवी कक्षा में पढ़ाई छोड़ने के बाद उन्होंने अपना जीवन गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित कर दिया। बॉबी अस्पतालों में फ्री लंगर सेवा, मुफ्त मृतक वाहन सेवा, रक्तदान शिविर और आपदा राहत कार्यों के लिए जाने जाते हैं।
वह वृद्धाश्रम, अनाथालयों और बेसहारा लोगों की मदद कर समाज में इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे हैं। उनका मानना है कि खाली समय और साधनों का सही उपयोग दूसरों की सेवा में होना चाहिए।
इनकी संस्था आलमाईटी ब्लेस्सिंग्स पर सीने अभिनेत्री और हिमाचल की बेटी प्रिटी जिंटा ने भी विश्वास जताया और आपदा प्रभावितों के लिए 30 लाख रुपय की धनराशि भेजी। इन्होंने कुल्लू जिला के आपदा प्रभावितों को एक करोड़ रुपय की राहत राशि देने का आश्वासन दिया है।