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शिमला : निजी कंपनियों को हटाने की मांग पर क्रमिक अनशन पर बैठे सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स पर नियुक्त नौ वोकेशनल शिक्षकों को निजी कंपनियों ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। आठ अप्रैल तक स्कूलों में उपस्थित नहीं होने पर वोकेशनल शिक्षक संघ के नौ राज्य पदाधिकारियों पर यह कार्रवाई हुई है।

राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में 30 मार्च से शिक्षकों का क्रमिक अनशन जारी है। शिक्षक संघ निजी कंपनियों की जगह शिक्षा विभाग के माध्यम से उन्हें नियुक्त करने की मांग कर रहा है। वोकेशनल प्रशिक्षक संघ के अध्यक्ष अश्विनी डढवालिया ने कहा कि कंपनियां मनमानी कर रही हैं।

शिक्षकों को ई मेल कर 48 घंटे के भीतर स्कूलों में पद ग्रहण करने का अल्टीमेटम दिया जा रहा है। ऐसा न करने पर नौकरी से बर्खास्तगी की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किए गए। कंपनियां प्रदर्शन को कुचलने के लिए हथकंडे अपना रही हैं।

अध्यक्ष ने बताया कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है। कंपनियों को बाहर कर उन्हें समग्र शिक्षा से ही वेतन दिया जाना चाहिए और शिक्षा विभाग ही नियुक्तियां करे। हरियाणा में प्रशिक्षक सोसायटी के तहत काम कर रहे हैं। इससे कंपनियों को दी जाने वाली कमीशन में बचत हो रही है। इसी तर्ज पर हिमाचल में भी वोकेशनल शिक्षा को समग्र शिक्षा की सोसायटी में लाया जाए।

वहीं, व्यावसायिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया से मिला। अध्यक्ष ने शिक्षकों की मांगों को गौर से सुना और हर संभव सहायता प्रदान के लिए प्रदान करने के लिए आश्वासन दिया और कहा कि आपकी मांग को शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और जल्द ही हड़ताल को खत्म करने के लिए वार्ता की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

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