पतलीकूहल (कुल्लू), कुलभूषण अवस्थी : विश्वविख्यात पर्यटन स्थल नग्गर के प्रवेश द्वार माहिली में पिछले कई सालों से एक कबाड़ी द्वारा सड़क किनारे अपना कबाड़ का रखा गया है। इसके साथ ही उस व्यक्ति द्वारा आसपास की खाली जमीन पर भी कब्जा करके अपना सारा कबाड़ उस खाली जगह पर फैला कर रखा गया है। जिससे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नग्गर के सौंदर्य को भी ग्रहण लग रहा है।

हालांकि ग्राम पंचायत नग्गर द्वारा उसे बार बार कबाड़ उठाने के लिए कहा गया। मगर कबाड़ी ने अपना कबाड़ वहां से नहीं हटाया। लेकिन अब सरकार द्वारा नजायज कब्जे हटाने के आदेश जारी किये गए हैं।
जिसके तहत कारवाई करते हुए वन विभाग, ग्राम पंचायत नग्गर व राजस्व विभाग द्वारा उपरोक्त स्थान का संयुक्त रूप से मौका किया गया और निशान देही की गई। जिसमें पाया गया कि कबाड़ी द्वारा नजायज कब्जा करके वन भूमि पर अपना कबाड़ रखा है। इस पर अब वन विभाग भी एक्शन मोड में आ गया है।

वन विभाग के नग्गर स्थित आरओ शमशेर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आज राजस्व विभाग व वन विभाग की टीम के साथ कबाड़ रखने वाली जगह की निशानदेही की गई। जिसमें यह भूमि वन विभाग की निकली है। अब राजस्व विभाग की रिर्पोट मिलते ही कबाड़ी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा और कानूनी कारवाई अमल में लाई जाएगी।

ग्राम पंचायत नग्गर के प्रधान प्रदीप ठाकुर ने बताया कि इस स्थान पर कबाड़ रखने के कारण विश्वविख्यात धरोहर गांव नग्गर की सुंदरता को ग्रहण लग रहा है। साथ ही स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कहा कि पंचायत ने कई बार इसे अपना कबाड़ यहां से उठाने के लिए कहा, लेकिन बार बार बोलने पर भी इसने अपना कबाड़ नहीं उठाया। अब निशान देही में जमीन वन भूमि निकली है और विभाग द्वारा कारवाई अमल में लाई जा रही है।
वहीं वार्ड पंच कमलेश व स्थानीय निवासियों राजू, विकेश, मनोज, कर्म चंद, रोहित, राम चंद व मोहर सिंह का कहना है कि कबाड़ी द्वारा इस स्थान पर कबाड़ का पूरा पहाड़ बना दिया गया है। वहीं पर्यावरण नियमों को ताक पर रख कर अक्सर इस स्थान पर खुले में ही बेकार कबाड़ को आग लगा कर जलाया जाता है। जिस कारण काफी प्रदूषण भी फैल रहा है।
उन्होनें सरकार व प्रशासन से आग्रह किया है कि इस कबाड़ को जल्द यहां से हटाया जाए। ताकि यहां पर स्वच्छता बनी रहे और लोगो को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।