पतलीकूहल (कुल्लू), करंट न्यूज़ : सरकार द्वारा 7 करोड़ 69 लाख की लागत से निर्मित पतलीकूहल बस अड्डे का उद्घाटन पिछले दिनों मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया। हालांकि बस अड्डे के उद्घाटन के बाद स्थानीय लोगों सहित सभी यात्रियों को सुविधा होने की आशा थी। परंतु बस अड्डे के शुरू होते ही यह मात्र शोपीस बन कर रह गया है।

अधिकतर बसें सवारियों के लिए बस अड्डे का रूख ही नहीं कर रही है। जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बस अड्डे में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें तो सवारियों के लिए रुक रही हैँ परंतु अधिकांश प्राइवेट बसें बस स्टैंड जा ही नहीं रही हैँ। अधिकतर बसें तो पतलीकूहल के बाहर से बने बाइपास पर ही सवारियों को उतार कर निकल रही हैं।

वहीं, बस अड्डे के निर्माण के पश्चात स्थानीय लोगों को आशा थी कि अब चौक पर बसों का जमघट नहीं लगेगा। परंतु बसें अभी भी बेरोकटोक चौक पर सवारियों के लिए रुक रही हैं ।
लोगों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार ने बस अड्डे का निर्माण किया है। ताकि वह बस अड्डे से बस में सवार हो सकें। लेकिन अफ़सोस इस बात का है कि अधिकतर यात्री बसों का इंतज़ार बस अड्डे में करते हैं।

एचआरटीसी की बसों के अलावा अधिकतर प्राइवेट बसें बाहर से ही निकल कर चौक में सड़क पर ही खड़ी की जा रही है। जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्री राज कुमार, सुरेश, सूर्यांश व दीपक का कहना है कि विभाग को सभी बसों का बस अड्डे में प्रवेश अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना चाहिए। साथ ही जो भी बसें चौक पर रुक रही है उनका चालान किया जाना चाहिए।
इस संबंध में एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक डी. के. नारंग ने बताया कि सभी बसों का यात्रियों की सुविधा के लिए बस अड्डे में जाना आवश्यक है। लेकिन कुछ बसें अभी भी पतलीकूहल चौक पर रुक रही है।

उन्होंने कहा कि मामला उनके ध्यान में है। इस बारे में पुलिस अधीक्षक से पत्र द्वारा आग्रह किया है कि बसों को पतलीकूहल चौक पर न खड़ा होने दिया जाए।
उधर पतलीकूहल थाना प्रभारी रजत शर्मा ने कहा कि मामला मेरे ध्यान में है इस बारे में ट्रैफिक इंचार्ज को आदेश जारी कर दिए गए हैं। अगर कोई भी बस अड्डे से बाहर खड़ी होती है तो उस के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाए।