धर्मचंद यादव
संपादक
करंट न्यूज़ वेब पोर्टल
हिमाचल के लोगों ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि वर्ष 2023 उनकी जिंदगी का सबसे दुखदाई वर्ष होगा। जिसमें उनके आशियाने तो उजड़ेंगे ही, लेकिन साथ में अपनों को भी खोना पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश के लिए सम्भवतः वर्ष 2023 सबसे दुखदाई वर्ष रहा है।
हिमाचल में इससे पहले भी अनेक त्रासदियां हुई है। लेकिन जिस तरह से 2023 में प्रकृति ने कहर ढाया, उसने हजारों लोगों के आशियाने तो छीने ही, लेकिन साथ में उनके अपनों को भी हमेशा के लिए छीन लिया। कई स्थानों पर तो पूरे परिवार ही खत्म हो गए। प्राकृतिक आपदा में तबाह हुए आशियाने तो लोग जैसे तैसे फिर से तैयार कर लेंगे। लेकिन इस आपदा में छीन गए उनके अपने कभी भी नहीं मिल पाएंगे।
हालांकि इससे पूर्व कोरोना काल में भी हिमाचल प्रदेश अनेक लोगों की मौत हुई। लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जमकर कहर ढाया। लोगों ने अपनों को खोने के साथ-साथ उनके आशियाने ढहने के अलावा हजारों लोगों की रोजी रोटी की छीन गई।
जबकि प्रदेश सरकार ने आपदा से प्रभावित हुए लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने का हर संभव प्रयास किया। प्राकृतिक आपदा से तबाह हुए घरों को फिर से बनाने के लिए उचित राहत राशि सरकार की तरफ से मुहैया करवाने के लिए राहत मैन्युअल में बदलाव किया गया। जो वास्तव में ही प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है।
क्योंकि इससे पूर्व राहत मैनुअल के तहत मकान रह जाने की स्थिति में 20 हजार से 50 हजार की सहायता राशि मिलती थी। लेकिन प्रदेश सरकार ने राहत में मैन्युअल में बदलाव करने के साथ-साथ ही अन्य प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी राहत राशि में बढ़ोतरी की है। जिसका प्रभावित लोगों को लाभ भी मिला।
फिलहाल साफ तौर पर कहा जाए तो वर्ष 2023 में हिमाचल प्रदेश को कई वर्ष पीछे पहुंचा दिया। विकास के मामले में प्रदेश काफी पीछे चला गया लोगों की आर्थिकी छीन गई। जिसके कारण उन्हें नए सिरे से अपने आर्थिक विकल्पों को खड़ा करना होगा।
एक तरह से वर्ष 2023 हिमाचल प्रदेश के लोगों को का उम्र ना भरने वाले जख्मों के साथ असहनीय पीड़ा दे गया उम्मीद है कि आने वाला बरस हिमाचल प्रदेश के लिए सुखदाई साबित होगा।